पीलीभीत के पूरनपुर ब्लॉक में तैनात सचिव मोहम्मद रिजवान ने पांचवें वित्त में आई धनराशि में से पांच लाख रुपये अपने चहेतों के खातों में भेज दी। शिकायत पर जब स्पष्टीकरण मांगा गया तो वह कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। लापरवाही और धनराशि के दुरुपयोग का आरोप सिद्ध होने पर डीपीआरओ ने उनको निलंबित कर जांच मरौरी के एडीओ को सौंपी है।
ग्राम पंचायत अधिकारी मोहम्मद रिजवान ने अपने तैनाती की ग्राम पंचायतों खमरिया पट्टी, प्रसादपुर, रघुनाथपुर, रंमपुर फकीरे, भवानीगंज, महदखास, चाॅट फिरोजपुर, मुझाखुर्द, उदय करनपुर, लुकटिहाई, शेरपुर कलां सबलपुर मुस्तकिल फकीरे आदि में 5वें एवं 15वें वित्त के अंतर्गत 560910 रुपये की धनराशि का 4 अगस्त 2023 से 6 दिसंबर 2023 के बीच जितेंद्र कुमार के नाम विभिन्न कार्य करने पर भुगतान कर दिया।
यही नहीं जितेंद्र कुमार के खाते से ही रामू पुत्र राम अवतार तथा जीतू पुत्र राम जी नामक व्यक्ति के नाम से 68500 की धनराशि नियम विरुद्ध ढंग से भेज दी। मामले की शिकायत होने पर 27 जनवरी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। जिसका उन्होंने संतोषजनक जवाब नहीं दिया।
इस पर 19 फरवरी को अभिलेख प्रस्तुत करने की बात कही गई, इसे भी पेश नहीं किया गया। उक्त मामलों में दोषी पाते हुए सचिव मोहम्मद रिजवान को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। मामले की जांच सहायक विकास अधिकारी पंचायत मरौरी को सौंपी गई है।
जांच अधिकारी से 15 दिन के अंदर जांच कर आरोप पत्र भेजने के निर्देश दिए गए हैं। जिला पंचायत राज अधिकारी सतीश कुमार ने बताया वित्तीय अनियमिततओं में प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर सचिव को निलंबित किया गया है। मामले की जांच कराई जा रही है।