डीएम के फर्जी हस्ताक्षर कर वक्फ बोर्ड की 430 एकड़ जमीन प्रबंधक के नाम दर्ज कराने के मामले में अमरिया के प्रभारी तहसीलदार की भूमिका जांच में संदिग्ध पाई गई। डीएम ने उन्हें अमरिया तहसील से हटाकर सदर से संबद्ध कर दिया है। साथ ही उन्हें न्यायिक कार्यों से विरत रखा गया है। इस मामले से संबंधित सभी अधिकारी, कर्मचारी एवं कथित प्रबंधक को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। अमरिया तहसील की फुलैइया गांव में वक्फ बोर्ड की करीब 430 एकड़ जमीन पर कुछ सिख परिवार लंबे समय से काबिज हैं। इस बीच पांच मई को यह जमीन तत्कालीन डीएम मासूम अली सरवर के फर्जी हस्ताक्षर कर शहर निवासी तसलीम हसन खान (टीएच खान) ने खुद को वक्फ बोर्ड का प्रबंधक दर्शाकर अपने नाम दर्ज करा ली। मामला पकड़ में आने पर डीएम शीतल वर्मा ने एफआईआर के आदेश दिए। इस पर जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी देवेंद्र कुमार की ओर से सदर कोतवाली में अज्ञात के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया गया। डीएम शीतल वर्मा ने बताया कि पुलिस जांच में जो भी आरोपी पाया जाएगा उसकेे खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल अमरिया के प्रभारी तहसीलदार मोहम्मद असलम की लापरवाही पर उन्हें वहां से हटाकर सदर तहसील से संबद्ध कर दिया गया है। इसके अलावा इस मामले से संबंधित जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी देवेंद्र कुमार, विभागीय लिपिक शाकिर अली और वक्फ बोर्ड के कथित प्रबंधक तसलीम हसन खान को नोटिस जारी किया है। डीएम शीतल वर्मा ने बताया कि इस मामले की जांच क्राइम ब्रांच कर रही है। जांच में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उधर तसलीम हसन का कहना है कि जमीन वक्फ बोर्ड की है, जसमें विभागीय लोगों ने मिलकर जालसाजी की है।