मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य डॉ. संगीता अनेजा को देहदान संबंधी पत्रक सौंपते अभियान प्रमुख मनोज से
पीलीभीत। कक्षाएं शुरू होते ही मेडिकल कॉलेज को पहले देहदान हुआ है। युग दधीचि देहदान अभियान चलाने वाले सेंगर दंपती ने बृहस्पतिवार को मेडिकल कॉलेज के विद्यार्थियों के अध्ययन के लिए पहली मृत देह सौंप दी। यह शव कानपुर से लाकर दिया गया।
कानपुर से देह लेकर आए सेंगर दंपती ने बताया कि दीनदयाल नगर कानपुर निवासी 88 वर्षीय सेवानिवृत्त एलआईयू इंस्पेक्टर राम प्यारे शुक्ला ने जनवरी 2011 में देहदान का संकल्प किया था। बुधवार 16 अक्तूबर की शाम को उनका निधन होने पर उनकी पुत्री गीता वाजपेयी ने सूचना देकर देहदान का संकल्प पूरा कराने का आग्रह किया।
इस पर अभियान की महासचिव माधवी सेंगर ने देह को पीलीभीत ले जाने का निश्चय किया। अभियान प्रमुख मनोज सेंगर ने रात में ही देहदान के आवश्यक पत्रक तैयार किए और 17 अक्तूबर को शाम चार बजे पीलीभीत मेडिकल कॉलेज पहुंचे।
जहां एनाटॉमी विभाग की हेड डाॅ. अर्चना सिंह ने अपने सहयोगियों डाॅ. फरीद और छात्रों की उपस्थिति में पार्थिव देह को स्वीकार किया। इस अवसर पर प्राचार्य डॉ. संगीता अनेजा ने देहदान करने वाले परिवार एवं सेंगर दंपती का आभार जताया।