क्षेत्र के ग्राम करगैना पीरा निवासी भूपराम पुत्र ईश्वरी प्रसाद की करगैना अड्डे पर कपड़े की दुकान है। मंगलवार देर शाम करीब आठ बजे वह दुकान बंद कर घर चले आए। देर रात 12 बजे दुकान में आग लग गई। इस बीच दावत से लौट रहे पौटा गांव के निवासी लखविंदर सिंह ने बंद दुकान से धुआं निकलता देख शोर मचाना शुरू कर दिया। जिस पर बिल्डिंग मालिक व आसपास के ग्रामीण जमा हो गए। कुछ ही देर में व्यापारी भी मौके पर पहुंच गए। इसके बाद शटर तोड़कर ग्रामीणों ने जैसे तैसे आग पर काबू पाया। पीड़ित भूपराम ने बताया कि हादसे में करीब तीन लाख रुपये का नुकसान हुआ है। दुकान में बिजली की फिटिंग नहीं है। ऐसे में शार्ट सर्किट से आग नहीं लग सकती। आग कैसे लगी, इसको लेकर कुछ पता नहीं लग सका है। एसओ चंद्र प्रकाश शुक्ला ने बताया कि सूचना मिलने पर पुलिस ने मौका मुआयना कर जानकारी की गई है। आग के पीछे कारण का पता लगाया जा रहा है।