पूरनपुर। इंडो-नेपाल सीमा के समीप के गांव के लोगों को अब इलाज के लिए 40 किलोमीटर दूरी तय करके भरतपुर पीएचसी नहीं आना होगा। एक अगस्त से सीमा पर मोबाइल बैन रहेगी। बैन में चिकित्सक, फार्मासिस्ट के साथ दवाइयां उपलब्ध रहेंगी। डॉक्टर मरीजों का परीक्षण कर मौके पर ही दवाई देंगे। इसके अलावा भरतपुर पीएचसी में महिला चिकित्सक की तैनाती की जाएगी। सीएमओ डॉ. आलोक शर्मा ने रविवार को सीमावर्ती गांव में लोगों से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की जानकारी ली।
रविवार को सीएमओ डॉ. आलोक शर्मा ने गांव टाटरगंज, राघवपुरी, बमनपुरी में पहुंचकर लोगों से स्वास्थ्य समस्याओं की जानकारी ली। गांव के लोगों ने बताया कि गांव से भरतपुर पीएचसी 40 किलोमीटर दूर होने से लोगों को इलाज के लिए वहां पहुंचने में भारी असुविधा होती है। भरतपुर पीएचसी में महिला चिकित्सक की तैनाती न होने पर महिलाओं को इलाज के लिए शारदा नदी पार कर पूरनपुर या फिर लखीमपुर खीरी के पलिया जाना पड़ता है।
सीएमओ ने समस्याओ का समाधान कराने का आश्वासन दिया। सीएमओ डॉ. आलोक शर्मा ने बताया कि अब सीमा गांव के समीप मोबाइल बैन रहेगी। जिसमें चिकित्सक और अन्य स्टाफ रहेगा। जो मरीजों का परीक्षण कर दवाई देगा। इसके अलावा एक अन्य एंबुलेंस भी सीमा के गांवों के समीप रहेगी। जिससे गंभीर मरीज भरतपुर पीएचसी लाए जा सके। भरतपुर पीएचसी में शीघ्र ही महिला चिकित्सक की तैनाती की जाएगी।