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Pilibhit News: किसानों का गेहूं आढ़तों से सीधे सरकारी केंद्रों पर

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बोली के कुछ देर बाद ही हो जाती सरकारी केंद्रों पर खरीद, किसान जानकर भी खामोश
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संवाद न्यूज एजेंसी
पीलीभीत। शासन ने सरकारी खरीद बढ़ाने के निर्देश दिए तो अधिकारियों ने अपनी पैंतरेबाजी शुरू कर दी। किसान जो गेहूं आढ़ती को 2000 रुपये प्रति क्विंटल बेच रहे हैं, वह बाद में सरकारी केंद्रों पर पहुंच जाता है। इसकी भनक खुद किसानों को भी है लेकिन नकद भुगतान के चलते जानकर भी खामोश हैं।
मौसम ठीक होते ही खेतों में गेहूं की कटाई शुरू हो गई। शासन के आदेश पर पहली अप्रैल से सरकारी खरीद के लिए 130 केंद्रों को सक्रिय कर दिया गया। पहले दिन खरीद का खाता नहीं खुल सका। तीसरे दिन सौ क्विंटल की खरीद हुई, लेकिन खुली बोली में गेहूं की बिक्री काफी बढ़ गई। जिसके चलते कई जगह क्रय केंद्र प्रभारियों ने आढ़तियों से सांठगांठ कर ली।
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गेहूं लेकर मंडी आए किसान मंजूर अहमद ने बताया कि वह अपना गेहूं सरकारी केंद्र पर लेकर नहीं गए थे, आढ़ती को बेच दिया था। बाद में उसे सरकारी बारदाने में भर दिया गया, यह कैसे हुआ वह नहीं बता सकते।

56 केंद्रों पर हो गई 17 सौ क्विंटल की खरीद
सरकारी केंद्रों पर एक दिन पहले तक तीन सौ क्विंटल खरीद हुई थी। बृहस्पतिवार को यह खरीद जिले के 56 सेंटरों पर बढ़कर 17 सौ क्विंटल पहुंच गई। इसी तरह से लगातार खरीद को बढ़ाया जा रहा है। विभाग के आंकड़ों के अनुसार खाद्य विभाग के 28, पीसीएफ के पांच, पीसीयू के नौ, यूपीएसएस के 14 केंद्रों पर खरीद शुरू होने की बात कही जा रही है।
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मंडी में ही सुखा रहे गेहूं
आढ़ती किसान से खरीदा गेहूं मंडी के ही सरकारी केंद्रों पर बेच दे रहे हैं। गेहूं में अगर कुछ नमी होती है तो मंडी में ही इसे सुखा लिया जाता है। इसके बाद दूसरे दिन इसे सरकारी केंद्र पर पहुंचा दिया जाता है। आढ़ती और सरकारी केंद्रों के बीच साठगांठ साफ दिखने लगी है।

मंडी में बुधवार को एक सेंटर पर खरीद शुरू हुई थी। यहां पर यदि किसान से गेहूं लेकर आढ़ती की ओर से सरकारी बिक्री की गई है तो जांच कराई जाएगी।
- वीके शुक्ला, डिप्टी आरएमओ
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