पीलीभीत के कलक्ट्रेट में एडीएम न्यायिक अजीत परेश को ज्ञापन सौंपते भारतीय किसान यूनियन चढ़ूनी के
पीलीभीत। क्षेत्रीय किसानों की समस्याओं को लेकर ज्ञापन देने कलक्ट्रेट पहुंचे भाकियू चढूनी के पदाधिकारी डीएम के न मिलने पर वहां पर धरने पर बैठ गए। हंगामा होता देखकर एडीएम न्यायिक मौके पर पहुंचे। वार्ता करने के बाद उनका ज्ञापन लिया। इसके बाद सभी शांत हुए।
मंगलवार को भाकियू चढूनी के पदाधिकारी डीएम से मिलने के लिए पहुंचे। पहले उनको बताया गया कि जिलाधिकारी मौजूद है। जब कार्यालय पहुंचे तो बताया गया कि डीएम कार्य से बाहर गए हुए हैं। यह सुनकर पदाधिकारियों का गुस्सा फूट गया।
सभी वहीं पर धरने पर बैठ गए और हंगामा शुरू कर दिया। हंगामे की जानकारी होने पर अपर जिलाधिकारी न्यायिक अजीत परेश उनके पास पहुंचे। वार्ता के बाद पदाधिकारियों को शांत किया और उनसे ज्ञापन लिया। इस दौरान जिलाध्यक्ष रंजीत सिंह कहलो, अमरीक सिंह, गुरजिंदर सिंह, भूपेंद्र सिंह सहित काफी लोग मौजूद रहे।
ये थी प्रमुख मांगें
नुकसान का सर्वे करवाकर उचित मुआवजा दिलवाने का प्रबंध किया जाए। चावल मिलों द्वारा सीधी खरीद करते हुए किसानों की फसल पर सीडी कटौती और एक क्विंटल पर एक किलो करदा कटौती पर तुरंत रोक लगाई जाए। छुट्टा पशुओं से जानमाल के नुकसान पर विभागीय जांच के पश्चात तत्काल उचित मुआवजा दिलवाया जाए। जिले में डीएपी की आपूर्ति सुनिश्चित करवाए जाने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं। इसके अलावा जंगली जानवरों के हमले से किसानों की मृत्यु पर तत्काल उचित मुआवजे का प्रबंध कराने, पीलीभीत टाइगर रिजर्व से सटे हुए इलाकों में जाल फेंसिंग कराने। अक्तूबर माह से शुरू होने वाली धान खरीद को लेकर व्यवस्थाएं चौकस करने और खरीद शुरू होने से पहले क्रय केंद्रों पर सीसीटीवी की व्यवस्था करवाने की मांग की गई।