पीलीभीत। पुराना गन्ना भुगतान और नए का दाम घोषित करने की मांग को लेकर यार्ड में धरने पर बैठे किसानों ने मंगलवार को वहीं पर तंबू लगा दिया। अपनी मांग पर अड़े किसानों ने तौल बंद करा दी है, इससे मंगलवार को चीनी मिल नहीं चल सकी।
आंदोलन कर रहे किसानों ने किसी भी अधिकारी की नहीं सुनी। एडीएम से किसानों ने साफ कह दिया कि उन्हें भुगतान चाहिए, आश्वासन नहीं। इस पर एडीएम चीनी मिल प्रबंधन से बात करने की बात कहकर लौट गए।
बजाज हिंदुस्थान चीनी मिल पर किसानों का पिछले सत्र का करीब 97 करोड़ रुपये बकाया है। सोमवार को चीनी मिल में गन्ना लेकर पहुंचे किसानों ने पुराना भुगतान न होने की दशा में यार्ड में तौल बंद करा दी थी। किसानों ने वहीं टेंट लगाकर धरना शुरू करते हुए भुगतान की मांग शुरू कर दी।
मंगलवार सुबह तक मिल में गन्ने से भरी सैकड़ों ट्रॉलियां खड़ी रहीं। तौल न होने से अधिकारियों को मिल बंद करनी पड़ी। इससे पहले सोमवार रात एसडीएम बीसलपुर ऋषिकांत राजवंशी और जिला गन्ना अधिकारी जितेंद्र मिश्रा ने मिल पहुंचकर किसानों से बातचीत की थी। उन्होंने फरवरी में भुगतान होने की बात कही तो किसान उग्र हो गए। इसके बाद दोनों अधिकारी लौट गए।
मंगलवार को डीएम के निर्देश पर एसडीएम वित्त राम सिंह गौतम, एसडीएम और सीओ भी धरनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने किसानों की समस्याओं को सुना। किसानों ने एक सुर में पुराना भुगतान कराने की बात कही। कहा कि भुगतान होने पर ही चीनी मिल शुरू हो पाएगी।
इस पर एडीएम ने चीनी मिल प्रबंधन से बात करने की बात कही और लौट गए। दिन भर किसानों का धरना प्रदर्शन जारी रहा। किसानों ने यहां तंबू लगाकर धरना शुरू कर दिया है। धरना स्थल पर माखनलाल, दिगंबर दयाल, हेमंत गंगवार, हरिनंदन गंगवार, धर्मदास, अमित, हरिओम सहित काफी किसान मौजूद रहे।
भुगतान की आस में छोड़ दिया घर, किराये की रजाई और गद्दे को बनाया सहारा
बरखेड़ा। बीते नौ दिनों से मजदूर किसान संगठन के बैनर तले चीनी मिल गेट पर किसान धरना पर बैठे हैं। यहां तंबू लगाकर उन्होंने अपना अस्थायी आशियाना बना लिया है। किराये की रजाई और गद्दे के सहारे भीषण ठंड में रात काट रहे हैं। पुराने भुगतान को लेकर चीनी मिल गेट पर दो जनवरी से किसान धरना दे रहे हैं। बीते नौ दिन से लोग घर और परिवार को छोड़कर धरने में डटे हैं।
भोजन और चाय की व्यवस्था भी धरनास्थल पर की जा रही है। भुगतान के लिए संघर्ष में जुटे इन किसानों पर शासन तो दूर जनप्रतिनिधियों ने भी ध्यान नहीं दिया है। धरना पर वेदपाल, सियाराम, राममूर्ति गंगवार, रामनरेश, लालबिहारी, नत्थूलाल, हरीशंकर, गुल्लू पहलवान, ज्ञान सिंह, प्रवेश कुमार सहित काफी संख्या में लोग मौजूद रहे।
पूरनपुर में भी चल रहा बेमियादी धरना-प्रदर्शन
पूरनपुर। राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन कार्यकर्ताओं का चीनी मिल गेट पर शनिवार से शुरू हुआ बेमियादी धरना प्रदर्शन मंगलवार को भी जारी रहा। चीनी मिल प्रशासन की ओर से मांगों को लेकर दिए गए पत्र को पढ़कर सुनाया गया। हाईकोर्ट में सोमवार को ब्याज सहित बकाया गन्ना मूल्य भुगतान न होने पर डाले गए जुर्माना की जानकारी भी किसानों को दी गई।
मंगलवार को धरनास्थल पर हुई सभा में किसानों ने कहा कि सभी मांगें पूरी न होने तक आंदोलन जारी रहेगा। चीनी मिल की ओर से किसानों को लिखित आश्वासन दिया गया है। इसमें कहा गया है कि चीनी मिल की पेराई क्षमता बढ़वाने के लिए उच्च अफसरों को अवगत करा दिया गया है। 22 जनवरी से सामान्य प्रजाति के गन्ने की पर्चियां जारी कराने, शीघ्र ही गन्ना मूल्य भुगतान शुरू कराने का आश्वासन दिया गया लेकिन किसान नहीं माने। धरना प्रदर्शन में हाजी रियाजतनूर खां मझले, गुरप्रीत सिंह, कुलविंदर सिंह, सुखविंदर सिंह, सतनाम सिंह, ओमपाल सिंह, अकुंर मिश्रा, राजेंद्र प्रसाद, इशारतनूर खां, रामकुमार, ईश्वर दयाल आदि मौजूद रहे।