पीलीभीत। पुनर्गठन पेयजल योजना के तहत जहानाबाद में ओवरहेड टैंक की जमीन पर कब्जा हो गया था। इसके चलते काम शुरू नहीं हो पा रहा था। जल निगम के सहायक अभियंता ने इसको लेकर प्रशासन को जानकारी दी थी। अपर जिलाधिकारी के हस्तक्षेप के बाद जमीन का मामला हल हो गया है। टैंक के लिए जल निगम को जमीन उपलब्ध करा दी गई है।
अमृत योजना 2.0 के तहत जोन प्रथम के लिए जहानाबाद में नई बस्ती मोहल्ला में ओवरहेड टैंक का निर्माण कराने के लिए जल निगम की ओर से शासन को प्रस्ताव भेजा गया था। प्रस्ताव पर शासन की ओर से 12.18 करोड़ रुपये का बजट जारी किया गया था। निर्माण के लिए पूर्व में ही जमीन को चयनित कर लिया गया था। जब बजट आने के बाद ठेकेदार की ओर से वहां पर काम के लिए जमीन को देखा गया तो वहां पर कब्जा था और सरसों बोई हुई थी। इस पर जमीन विवादित होने पर काम शुरु नहीं हो सका था। इसकी जिला प्रशासन को रिपोर्ट दी गई थी साथ ही ईओ से जमीन अन्य स्थान पर देने के लिए कहा गया था।
मामले को लेकर अमर उजाला ने 12 जनवरी को खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। खबर प्रकाशित होने के बाद प्रशासन ने जमीन को लेकर तहकीकात की तो पता चला कि जमीन पहले जिला पंचायत की थी। इसे जिलाधिकारी ने काशीराम आवास के लिए किसी को दे दी थी। ग्रामीण ने आसपास भी कब्जा कर सरसों की फसल को बो दिया था। इसपर अपर जिलाधिकारी राम सिंह गौतम ने जल निगम के सहायक अभियंता और जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी को बुलाकर जमीन को लेकर चर्चा की थी। डीएम के संज्ञान में भी मामला डाला गया। इसके बाद टीम ने ग्रामीण से बात की। मौका देखने के बाद टैंक के लिए जमीन ग्रामीण ने देने की स्वीकृति दे दी। इसके साथ ही अब चयनित जमीन पर निर्माण रास्ता साफ हो गया।
दस वार्डों के 2606 घरों में होनी है जलापूर्ति
जहानाबाद के मोहल्ला नई बस्ती में बनने वाले ओवर हैंड टैंक से दस वार्डों के 2606 घरों में जलापूर्ति के लिए कनेक्शन दिए जाएंगे। इसके लिए वहां पर 1000 केएल का ओवरहेड टैंक बनाया जाएगा। कनेक्शन के लिए 17.48 किलोमीटर की लाइन को डाला जा रहा रहा है।
जहानाबाद में जमीन का मामला हल हो गया है। मौके पर जांच पड़ताल भी हो गई है। ग्रामीण ने लिखकर भी दे दिया है। अब कोई विवाद नहीं रह गया है। - हरमीक सिंह, अपर मुख्य अधिकारी, जिला पंचायत