पीलीभीत के पूरनपुर में झोलाछाप के यहां इलाज के दौरान युवती की मौत हो गई। युवती के परिजन ने गलत इंजेक्शन लगाने से युवती की मौत का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। पूरी रात झोलाछाप की दुकान के बाहर शव पड़ा रहा।
गांव कान्हाटांडा की एक युवती ने पारिवारिक कलह के चलते जहर खा लिया था। मौसी ने उसे गांव भगवंतापुर के एक झोलाछाप के यहां भर्ती कराया। इलाज के दौरान मंगलवार शाम करीब पांच बजे उसकी मौत हो गई। युवती की मौत पर परिजन ने झोलाछाप पर गलत इंजेक्शन लगाने से युवती की मौत होने का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया।
रातभर दुकान के बाहर पड़ा रहा शव
हंगामा कर रहे लोगों का कहना था कि उन लोगों ने झोलाछाप से पहले ही पूछा था कि अगर युवती को ठीक करना उसके बस में न हो, तब वह उसे दूसरी जगह ले जाएं। मगर उसने युवती को ठीक करने की हामी भरी दी। हंगामे और विवाद को लेकर पूरी रात युवती का शव झोलाछाप की दुकान के बाहर ही पड़ा रहा।
बुधवार सुबह दोनों पक्षों में समझौता होने पर परिजन शव को ले गए। कोतवाल अशोक कुमार ने बताया कि युवती के परिजन की ओर से पुलिस को कोई सूचना नहीं दी गई। कुछ लोगों ने फोन कर युवती की मौत की जानकारी दी थी। तब उनको कोतवाली बुलाया गया, मगर कोतवाली कोई नहीं आया।