बिलसंडा। थाना क्षेत्र के गांव बेहटी की एक युवती ने एक प्राइवेट इंश्योरेंस कंपनी से ऑनलाइन आठ लाख रुपये की जीवन बीमा पॉलिसी ली थी। पॉलिसी के कुछ दिन बाद ही युवती की मृत्यु होना बताकर परिजन ने क्लेम कर दिया। मई माह में मृत्यु दर्शाकर उसका प्रमाणपत्र भी लगा दिया गया। क्लेम के संबंध में जब कंपनी की ओर से लखनऊ से जांच अधिकारी सुशील वर्मा मौके पहुंचे तो पता चला कि युवती की मौत मार्च में ही हो चुकी है। गांव जाकर उन्होंने इसके साक्ष्य जुटाने के बाद मृत्यु प्रमाणपत्र के मामले में संबंधित सचिव से लिखित जानकारी मांगी। सचिव ने जब मृत्यु प्रमाणपत्र देखा तो पता चला कि ये उनकी ओर से जारी ही नहीं किया है। जांच अधिकारी ने रिपोर्ट बीमा कंपनी के अफसरों को दी है। संवाद