पीलीभीत। शहर में 35 साल पुराने गणेश चौथ मेले के आयोजन पर इस बार संकट के बादल छाए हुए हैं। निचली अदालत ने रामलीला मैदान पर मेले के आयोजन पर रोक लगा रखी है। जिला जज की अदालत में इस मामले में 29 अगस्त को जिला जज के यहां सुनवाई होनी थी, लेकिन अधिवक्ता के निधन के कारण कामकाज नहीं हो सका। अब अगली तारीख 31 अगस्त तय की गई। 31 अगस्त को ही गणेश चौथ है। अब 31 अगस्त को अदालत में सुनवाई के बाद तय होगा कि गणेश चौथ का मेला इस बार लगेगा या नहीं।
शहर में गणेश चौथ मेले की शुरुआत 1984 में बुलाका सिंह की कोठी के पास मीना बाजार से हुई थी। 1987 में मेला कमेटी युवा जागृति परिषद का गठन हुआ। हर साल मेले में बढ़ती भीड़ के कारण 1993 में मेले का आयोजन रामलीला मैदान में होने लगा। मेला कमेटी के सदस्य व तत्कालीन अध्यक्ष प्रदीप तिवारी ने बताया कि 1995 में महंत ने मेले के लिए जमीन देने से इन्कार कर दिया, तब सैकड़ों लोगों ने धरना-प्रदर्शन और अनशन किया था।
तत्कालीन डीएम गंगाराम बरुआ ने तब धरनास्थल पर पहुंचकर लोगों को समझाया और प्रशासन की अनुमति के बाद मेला लगा। इसके बाद से हर साल प्रशासन ही मेले की अनुमति देता आ रहा था। वर्ष 2000 में महंत ने अदालत में वाद दायर कर दिया। 30 मई 2022 में निचली अदालत ने गणेश चौथ मेले के रामलीला मैदान पर नहीं होने के आदेश कर दिए। इस पर मेला कमेटी ने जिला जज की अदालत में अपील की।
सोमवार यानी 29 अगस्त को सुनवाई के बाद तय होना था कि मेला लगेगा या नहीं। लेकिन कलीनगर में अधिवक्ता की मौत के कारण इस मामले में 31 अगस्त की तारीख डाल दी गई। 31 अगस्त को ही गणेश चौथ है। हर साल गणेश चौथ से ही मेला शुरू होता है। अब सबकी निगाहें अदालत के आदेश पर टिकी हैं। गणेश चौथ वाले दिन ही तय हो पाएगा कि इस बार ऐतिहासिक मेला लगेगा या नहीं।
निकलेगी गणेश शोभायात्रा
युवा जागृति परिषद के तत्कालीन अध्यक्ष और अपीलकर्ता प्रदीप तिवारी ने बताया कि अदालत का जो निर्णय आएगा वह मान्य होगा। मेले के आयोजन को लेकर अभी कुछ स्पष्ट नहीं है। मगर गणेश शोभायात्रा का आयोजन 31 अगस्त को गणेश चतुर्थी के दिन ही किया जाएगा। शहर में पूर्व में प्रशासन द्वारा तय रूट पर शोभायात्रा निकलेगी। मेला स्थल पर मूर्ति स्थापना तभी होगी जब आदेश आ जाएगा।