आग की लपटों के बीच से थाना पुलिस ने ग्रामीणों के सहयोग से रेस्क्यू शुरू किया। दो किशोरियां छत पर गिरीं थीं। उनको रेस्क्यू कर जिला अस्पताल भेज दिया गया। तीसरी पुत्री नगमा (18) को मलबा से निकालने में दो घंटे लग गए। उसे भी जिला अस्पताल भेजा गया। हालत गंभीर होने पर तीनों को बरेली रेफर कर दिया गया। वहीं जिलाधिकारी पुलकित खरे, एसपी दिनेश कुमार पी, एएसपी डॉ. पवित्र मोहन त्रिपाठी, एसडीएम योगेश कुमार गौड़, फॉरेसिंक टीम मौके पर पहुंच गई। जिलाधिकारी पुलकित खरे ने बताया कि तीनों की बरेली में मौत हो गई है।
अजीम बेग के पास 2025 तक का पटाखा बनाने का लाइसेंस है। जिसकी जांच कराई जा रही है। पटाखा की 20-25 पेटी बिक्री के लिए घर में रखी थीं। अचानक आग लग गई। उनकी तीन बेटियां झुलस गईं थीं। जिनकी बरेली में मौत हुई है। फॉरेसिंक टीम से जांच कराई जा रही है। जांच रिपोर्ट के बाद स्पष्ट होगा। -दिनेश कुमार पी, एसपी