पीलीभीत। सड़कों की हालत सुधारने के लिए शासन की ओर से भले ही गंभीरता बरती जा रही हो, लेकिन जिले में इसका असर दिखाई नहीं दे रहा है। नेपाल सीमा को जिला मुख्यालय से जोड़ने वाले माधोटांडा-पीलीभीत मार्ग की हालत बदतर है। स्वीकृति मिलने के बाद भी मार्ग का निर्माण अधूरा है। बाढ़ से मार्ग की हालत और बिगड़ गई है।
जिले के महत्वपूर्ण मा॒र्गों में शामिल माधोटांडा-पीलीभीत मार्ग से पीलीभीत टाइगर रिजर्व के अलावा नेपाल की सीमा भी जुड़ी हुई है। सीमावर्ती क्षेत्र के लोग जिला मुख्यालय आने के लिए इस मार्ग का ही इस्तेमाल करते हैं। पूर्व में कई बार गड्ढे भरने के बाद भी मार्ग की हालत नहीं सुधर सकी है। इसके बाद लोक निर्माण विभाग की ओर से प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा गया। छह माह पूर्व शासन ने मार्ग के नवीनीकरण के लिए करीब नौ करोड़ रुपये मंजूर किए।
तीन किलोमीटर दायरे में मार्ग का निर्माण भी करा दिया गया, लेकिन बारिश शुरू होने के बाद कार्य ठप हो गया। बारिश के दौरान आई बाढ़ में मार्ग की हालत और भी बदतर हो गई। तीन स्थानों पर मार्ग कट गया और कई जगह धंसने भी लगा। स्थिति यह है कि 25 किलोमीटर दायरे में हर कदम पर गड्ढे हैं।
कटे स्थानों पर अस्थायी कार्य कराकर आवागमन सुचारू किया गया है, लेकिन स्थायी मरम्मत कार्य शुरू नहीं हो सका है। अफसरों की ओर से प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजने का दावा किया, लेकिन दो माह बीतने के बाद भी कार्य शुरू नहीं हो सका है।
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जर्जर मार्ग से रोजाना गुजरते हैं सैकड़ों वाहन
माधोटांडा, कलीनगर, जमुनिया जैसी बड़ी आबादी वाले क्षेत्र के अलावा सीमावर्ती क्षेत्र के हजारों लोग रोजाना इस मार्ग से ही गुजरते हैं। ऐसे में रोजाना सैकड़ों वाहनों की आवाजाही बनी रहती है। खरीदारी, शारीरिक समस्या समेत अन्य जरूरी कार्य को लेकर लोगों को आना पड़ता है। मार्ग की जर्जर स्थिति होने से लोगों को परेशानी के बीच सफर तय करना पड़ रहा है। एक घंटे का सफर तय करने में करीब दो घंटे लग रहे हैं।
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जर्जर पुलिया पर मिट्टी डालकर छोड़ी
बाढ़ के दौरान इस मार्ग पर अधिकांश पुलिया धंस गई। लंबे समय तक आवागमन ठप रहा। अफसरों की सख्ती के बाद लोक निर्माण विभाग की ओर से जर्जर पुलियों पर मिट्टी डलवा दी गई। कुछ समय तक राहत मिली, लेकिन वाहनों के लगातार गुजरने से स्थिति फिर बिगड़ने लगी, जिससे हादसों का खतरा भी बना रहता है।
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बारिश की वजह से मार्ग की मरम्मत रोक दी गई थी, लेकिन अब लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता से बात कर जानकारी ली जाएगी। जल्द निर्माण कार्य शुरू होगा।
- संजय कुमार सिंह, डीएम