पूरनपुर। शारदा नदी तेजी से कटान करती हुई ध्रुव कॉलोनी की आबादी से सौ मीटर दूर रह गई है। ऐसे में लोगों ने कॉलोनी को खाली करना शुरू कर दिया। ट्रैक्टर-ट्रालियों और अन्य साधनों से सामान ऊंचे सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। कटान और बाढ़ रोकने के लिए 18 करोड़ रुपये से हुए बचाव कार्य भी क्षेत्र को कटान से नहीं बचा पाए हैं।
गांव खिरकिया बरगदिया, नहरोसा, राणा प्रतापनगर, सिद्धनगर के समीप शारदा नदी कई दिनों से तेजी से भू कटान कर रही है। बृहस्पतिवार को गांव खिरकिया बरगदिया के गुरदेव सिंह की डेढ़ एकड़, कश्मीर सिंह की दो एकड़, दलविंदर सिंह की डेढ़ एकड़, जहरुल की एक एकड़, हरमीत की दो एकड़ जमीन पर खड़ी गन्ने की फसल नदी में समा गई। विरोध मेें खिरकिया बरगदिया में लोगों ने प्रदर्शन भी किया।
शुक्रवार को नदी कटान करते हुए ध्रुव कॉलोनी से मात्र सौ मीटर दूरी पर पहुंच गई। जिससे कॉलोनी के लोगों में खलबली मच गई। एसडीएम राजेश कुमार शुक्ला ने बताया कि तीन दिन पहले तहसीलदार मौके पर गए थे। इधर, तहसीलदार वीरेंद्र कुमार ने बताया कि कटान की जानकारी नहीं है।
चंदिया हजारा में 12 एकड़ जमीन पर खड़ी फसलें नदी में समाई
पूरनपुर। नदी ने शुक्रवार को चंदिया हजारा के समीप भी तेजी से कटान शुरू कर दिया। प्रधान वासुदेव कुंडू ने एसडीएम को पत्र भेजकर जानकारी दी है। शुक्रवार को गांव निवासी आशा लता मंडल की तीन, नारायण टिकेदार की तीन, गणेश पांडेय की तीन और वीरू विश्वास की तीन एकड़ जमीन पर खड़ी गन्ने की फसल नदी में समा गई। दिनेश मंडल की जमीन पर भी नदी ने कटान शुरू कर दिया।
बाढ़ पीड़ितों को अब तक नहीं मिली सहायता किट
पूरनपुर। चंदिया हजारा के प्रधान वासुदेव कुंडू ने एसडीएम को भेजे पत्र में बाढ़ पीडि़तों को अब तक राहत सामग्री किट न मिलने की जानकारी दी है। पत्र में कहा गया है कि ग्राम पंचायत के 22 परिवारों में 450 को राहत किट दी गई। 900 परिवारों को मात्र परवल के कट्टे दिए गए। संवाद