क्षेत्र में बाघ की दहशत कम होने का नाम नहीं ले रही है। डगा क्षेत्र में बाघ की चहल कदमी होने की सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम ने हाथियों की मदद से कांबिंग की लेकिन बाघ नहीं मिला। बराही रेंज में जंगल से निकट स्थित डगा गांव में तीन माह पूर्व बाघ ने हमला कर अहमद खां को मार डाला था। इसके बाद से ही लोगों में दहशत है। सोमवार सुबह कुछ लोगों ने गांव के निकट से गुजर रही खारजा नहर की पटरी पर बाघ की चहल कदमी देख वन विभाग को सूचना दी। इस सूचना पर एसडीओ केपी सिंह, डिप्टी रेंजर दिग्विजय सिंह व आरिफ के साथ मौके पर पहुंचे। वन विभाग की टीम ने हाथियों की मदद से डगा गांव से जंगल किनारे तक नहर पटरी पर कांबिंग कर बाघ की तलाशी की। करीब तीन घंटे चली कांबिंग में कहीं भी बाघ नहीं मिला। एसडीओ केपी सिंह ने बताया कि कांबिंग में बाघ तो नहीं मिला है लेकिन उसके जंगल की ओर लौटने के पदचिह्न मिले हैं। निगरानी की जा रही है साथ ही ग्रामीणों ने भी होशियार रहने की अपील की गई है।