नौगवां ओवरब्रिज का निर्माण शुरू होने के साथ ही सेतु निगम ने विद्युत विभाग को इस क्षेत्र से गुजर रही बिजली लाइनें और ट्रांसफार्मर हटाने के लिए विद्युत विभाग को 38 लाख रुपये दिए गए थे, लेकिन विद्युत विभाग ने लाइनों की शिफ्टिंग के लिए 72 लाख रुपये की मांग की थी। मांगी गई रकम में से आधी ही मिलने के कारण विद्युत विभाग ने लाइनें हटाने का काम शुरू नहीं किया। उधर, तेजी से चल रहे ओवरब्रिज निर्माण के काम में बिजली लाइनें बाधा बनने लगीं। दो दिन पहले ओवरब्रिज निर्माण में लगी एक क्रेन भी 11 हजार की लाइन पर पलट गई थी। ओवरब्रिज निर्माण में रोड़ा बन रही बिजली लाइनें शीर्षक से अमर उजाला ने शनिवार के अंक में प्रमुखता से खबर प्रकाशित की। इसका संज्ञान लेकर डीएम ने सेतु निगम और विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता को कार्यालय में तलब किया। दोनों से बातचीत की। दोनों की समस्या सुनने के बाद डीएम ने विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता लोकेंद्र बहादुर सिंह को सेतु निगम से मिली धनराशि से क्रासिंग से आसाम रोड पर मार्ग पर ओवरब्रिज निर्माण के बीच आ रही एक ओर की लाइनें हटाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही सेतु निगम के अधिशासी अभियंता वीके सेन से लाइनें हटने के बाद साइडों के सर्विस रोड को ठीक कराने को कहा है। डीएम ने कहा कि फिलहाल एक ओर की लाइनें हटवाई जा रही हैं। इस बीच शासन से बात कर सेतु निगम से शेष धनराशि भी बिजली विभाग को दिलाई जाएगी। उन्होंने कहा ओवरब्रिज निर्माण में किसी भी तरह की दिक्कत नहीं होने दी जाएगी।