पूरनपुर। राजस्व निरीक्षक और वकीलों के बीच मारपीट के मामले में शुक्रवार को दिन भर समझौते की कोशिश चलती रही। वकीलों के प्रतिनिधि मंडल ने एसडीएम से वार्ता की, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। उधर, लेखपाल संघ के पदाधिकारियों ने इस मामले में एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में वकीलों पर दबाव बनाने के लिए पुलिस को तहरीर देने, लेखपाल संघ के पदाधिकारी का नाम भी तहरीर में शामिल करने का आरोप लगाया गया है। पुलिस ने इस मामले में अब तक किसी भी पक्ष की ओर से रिपोर्ट दर्ज नहीं की है।
राजस्व निरीक्षक वली अहमद ने अधिवक्ता रजनीश पांडेय और उनके साथियों पर कार्यालय में घुसकर गाली-गलौज कर धक्का-मुक्की करने और बाद में आवास में घुसकर पिटाई करने करने, जान से मारने की नियत से गला दबाने का आरोप लगाया था। वकील रजनीश पांडेय ने राजस्व निरीक्षक पर गाली-गलौज कर पिटाई करने और साथी वकील से जाति सूचक शब्दों का प्रयोग करने का आरोप लगाया था। दोनों पक्षों की ओर से पुलिस को तहरीर दी गई। शुक्रवार दोपहर तक पुलिस ने किसी भी पक्ष की ओर से रिपोर्ट दर्ज नहीं की।
कोतवाल आशुतोष रघुवंशी ने बताया कि दोनों ओर से क्रॉस रिपोर्ट दर्ज कराई जा रही है। शुक्रवार को लेखपाल संघ के पदाधिकारियों ने घटना को लेकर एसडीएम राजेश शुक्ला को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि राजस्व निरीक्षक के साथ हुई घटना को दबाकर समझौते की पूर्व परंपरानुसार मामले को रफा-दफा कराने के लिए आरोपी की ओर से तहरीर दी गई है। इसमें झूठे आरोप राजस्व निरीक्षक पर लगाए गए हैं। तहरीर में लेखपाल संघ के जिला मंत्री का नाम भी शामिल किया गया है, ताकि डराकर समझौते के लिए विवश किया जा सके।
इधर, वकीलों की ओर से शुक्रवार को दिनभर समझौते की कोशिश की जाती रही। वकीलों की एसडीएम से दोपहर में वार्ता भी हुई, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकल सका। प्रगतिशील अधिवक्ता एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय सक्सेना ने बताया कि घटना वकीलों के साथ भी हुई है। माहौल खराब न हो, इसके लिए समझौते की कोशिश की जा रही है। समझौता न होने पर वकील हर तरीके से तैयार है।