मंगलवार को पकड़े गए चंदू बाघ को शुक्रवार को दुधवा के जंगलों में छोड़ दिया गया। इससे पहले बृहस्पतिवार की शाम उसे कॉलर आईडी लगाई गई थी।
माधोटांडा थाना क्षेत्र चांदूपुर के निकट महिला पर हमला कर मौत के घाट उतारने पर वनविभाग ने बाघ को ट्रैंक्यूलाइज कर पकड़ लिया था। बाघ को पिंजरे में बंद करने के बाद उसका परीक्षण किया गया। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर कॉलर आईडी कॉलर लगाने के बाद उसे दुधवा नेशनल पार्क के जंगलों में छोड़ने का निर्णय लिया गया था। बुधवार शाम को बाघ दुधवा रवाना किया गया। बृहस्पतिवार को पूरे दिन उसका परीक्षण करने के बाद शाम को पुन: ट्रैंक्यूलाइज करने के उसे कॉलर लगाया गया। शुक्रवार को सुबह होश में के बाद उसका परीक्षण हुआ। इसके बाद उसे करीब दस बजे पिंजरे से आजाद कर दिया गया। इस तरह मंगलवार को 11 बजे से पिंजरे में कैद बाघ चंदू को करीब 96 घंटे बाद रिहाई मिल सकी। सूत्रों की मानें तो पिंजरे का गेट खुलते ही बाघ तेजी से दौड़ते हुए जंगल की ओर चला गया।