विधान सभा का टिकट न मिलने से क्षुब्ध सपा के वरिष्ठ नेता डॉ. रत्नेश गंगवार ने अपने घर के कुछ लोगों और करीब छह दर्जन साथियों समेत मंगलवार को पार्टी से त्यागपत्र दे दिया। मोहल्ला दुर्गाप्रसाद निवासी वरिष्ठ सपा नेता डॉ. रत्नेश गंगवार को पहले शिवपाल यादव ने फिर बाद में अखिलेश ने विधान से प्रत्याशी घोषित किया था। वह चुनाव की तैयारी में भी जुट गए थे, इसी बीच कांग्रेस के खाते में यह सीट चली गई। कांग्रेस ने यहां पूर्व मंत्री अनीस अहमद उर्फ बाबू को प्रत्याशी घोषित कर दिया। इससे क्षुब्ध होकर सपा नेता ने मंगलवार को पार्टी से त्यागपत्र दे दिया। सपा नेता के साथ उनकी भाभी जिला पंचायत सदस्य शोभना गंगवार, भाई पालिका सदस्य राजेश गंगवार ने भी त्यागपत्र दिया है। त्यागपत्र देने वालों मेें उनके छह दर्जन साथी भी हैं। सभी त्याग पत्र पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष को भेजे गए हैं।