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Pilibhit News: गलत इलाज से मौत के मामले में डॉक्टर को मिली जमानत

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पीलीभीत। गलत इलाज के चलते मृत्यु होने व जान से मारने की धमकी देने के मामले में डॉ. डीके गंगवार ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट पूजा गुप्ता के न्यायालय में हाजिर होकर अपनी जमानत करा ली। मामले की अगली सुनवाई 15 दिसंबर को होगी। यहां बता दें कि आरोपी चिकित्सक पिछले दस साल से अदालत में हाजिर नहीं हुए थे।
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कस्बा अमरिया के मखदुम ने न्यायालय में परिवाद दाखिल कर कहा कि उसके बेटे गुलजार को शुगर थी। शहर के अनुज नर्सिंग होम में डॉ. डीके गंगवार को दिखाया था। डॉक्टर के पास इलाज वर्ष 2011 से चला। एक अगस्त 2012 को बेटे की तबीयत ज्यादा खराब होने पर डॉक्टर ने भर्ती करने की सलाह दी। एक सप्ताह तक भर्ती रखा, लेकिन बेटा ठीक नहीं हो पाया। इस पर डॉक्टर ने बेटे को एक इंजेक्शन लगाया।
गलत इंजेक्शन लगाने से उनके बेटे की मौत हो गई। आरोप है कि बेटे की मौत के बाद जब आठ अगस्त 2012 को रुपये वापस मांगे तो डॉक्टर ने अभद्रता कर गालियां देते हुए धक्के देकर अस्पताल से भगा दिया। थाने में तहरीर दी, लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। एसपी से गुहार लगाई पर एक न सुनी गई।
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इसके बाद मखदुम ने न्यायालय से रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए प्रार्थना-पत्र दिया। न्यायालय ने सुनवाई के बाद परिवाद के रूप में दर्ज करने का आदेश पारित किया। न्यायालय ने वादी के व गवाह के बयान दर्ज कर डॉक्टर डीके गंगवार को आरोपी पाते हुए वर्ष 2013 में तलब किया। पिछले दस साल में डॉक्टर अदालत में नहीं पहुंचे। डॉक्टर ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट पूजा गुप्ता के न्यायालय में उपस्थित होकर जमानत याचिका दाखिल की। न्यायालय ने सुनवाई के बाद जमानत मंजूर कर रिहा करने का आदेश पारित किया। न्यायालय ने इस मामले में सुनवाई के लिए अग्रिम 15 दिसंबर की तिथि नियत की गई है।


व्यापारी से धोखाधड़ी की रिपोर्ट अदालत के आदेश पर दर्ज
पूरनपुर। व्यापारी से धोखाधड़ी के मामले की रिपोर्ट पुलिस ने अदालत के आदेश पर नदीम अख्तर की ओर से मोहल्ला लाइनपार साहूकारा निवासी अफजाल के खिलाफ दर्ज की है।


नदीम अख्तर ने बताया कि उसकी जान पहचान मोहल्ला साहूकारा लाइनपार निवासी अफजाल से फरवरी 2020 में हुई। अफजाल ने कपड़े का व्यापार करने की जानकारी देकर उससे सांझीदार बनने का झांसा दिया और 2,87,000 रुपये ले लिए। मगर कपड़े का व्यापार शुरू नहीं किया। कई बार पूछने और रुपये वापस न करने पर उसने इसकी शिकायत की। तब जून 2022 में उसने दो अलग-अलग चेक 30 हजार और 35 हजार रुपये के दिए। शेष धनराशि अगस्त 2022 में देने को कहा। मगर बाद में दोनों चेकों के भुगतान पर रोक लगवा दी। शिकायत पर उसने एक लाख रुपये का चेक 28 फरवरी 2023 को दिया। शेष धनराशि मार्च में देने का वादा किया। फिर उसने दिए गए चेक के भुगतान पर रोक लगवा दी। छह जून 2023 को चेक के भुगतान पर रोक और शेष भुगतान के लिए कहने पर उसने गाली-गलौज कर पिटाई कर धमकाया। पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज की है। संवाद
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