पूरनपुर। डीएम संजय कुमार सिंह ने चंदिया हजारा के समीप शारदा की बाढ़ से बचाने के लिए किए जा रहे कार्यों का निरीक्षण किया और लोगों की समस्याएं सुनीं। गांव के लोगों ने बाढ़ में हुए नुकसान का मुआवजा अब तक न मिलने, वन विभाग की ओर से चैनेलाइजेशन के काम में अड़ंगा की कोशिश की शिकायत की।
रविवार शाम करीब पांच बजे पहुंचे डीएम ने शारदा नदी के किनारे चल रहे बाढ़ से बचाव के कार्यों को देखा। वहां पर जियो बैग लगाने और नदी में डोजिंग चैनेलाइजेशन की जानकारी की। लोगों की समस्याएं सुनीं। इस पर प्रधान बासुदेव कुंडू ने डीएम को बताया कि बाढ़ से इस बार 55 किसानों के खेतों में लहलहा रहीं फसलें और खेत नदी में समा गए। इसके अलावा कई लोगों की फसलें जलभराव से खराब हो गईं। अब तक किसी भी बाढ़ पीडि़त को मुआवजा के नाम पर ढेला नहीं मिला है।
मुआवजा न मिलने के कारण पर प्रधान ने बताया कि पुनर्वासन योजना के तहत अधिकांश परिवार बसाए गए थे। जमीन अब तक राजस्व अभिलेखों में दर्ज न होने से बाढ़ पीड़ितों को मुआवजा नहीं मिल पाया। एकत्र लोगों ने शुरू होने वाले डोजिंग चैनेलाइजेशन का काम इको सेंटिव जोन (जंगल से सटे एक किलोमीटर के दायरे) में होने पर परियोजना के समानुपातिक दो प्रतिशत जमा कराने के दबाव की जानकारी दी।
डोजिंग चैनेलाइजेशन का काम देख रहे जेई विक्रम सिंह ने डीएम को बताया कि परियोजना महत्वपूर्ण है। बाढ़ से पहले पूरी करने की कोशिश है। बजट स्वीकृत होने पर वन विभाग को दो प्रतिशत धनराशि जमा करा दी जाएगी। डीएम ने समस्याओं का समाधान कराने का आश्वासन दिया। बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता आशुतोष, सहायक अभियंता डीएन शुक्ला, चैनेलाइजेशन का काम देख रहे विक्रम, ग्राम प्रधान आदि मौजूद रहे।
दो दिन बाद डोजिंग चैनेलाइजेशन शुरू होने की उम्मीद
पूरनपुर। शारदा नदी में डोजिंग चैनेलाइजेशन को दो हैड्रा, सात ट्रैक्टर सहित अन्य मशीनें नदी तट पर पहुंच चुकीं हैं। कुछ मशीनों को नदी में भी उतारा गया, लेकिन अभी तक डोजिंग चैनेलाइजेशन शुरू नहीं हो सका। प्रधान बासुदेव कुुंडू ने बताया कि कुछ सामान अभी कानपुर से आना शेष रह गया है, जो सोमवार से मंगलवार तक पहुंचने की उम्मीद है। इसके बाद ही डोजिंग चैनेलाइजेशन शुरू हो सकेगा।