विजय कुमार को फांसी के फंदे पर लटका देख लोग घबरा गए। आनन-फानन अन्य कर्मचारियों ने दरवाजा खोल कर किसी तरह से उन को फंदे से उतारा। जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। जानकारी होने पर एसपी दिनेश कुमार की और एएसपी डॉ भगत रमन त्रिपाठी जिला अस्पताल पहुंचे। कोतवाल नरेश त्यागी से मामले की जानकारी कर जांच के निर्देश दिए हैं। मृतक विजय कुमार मिश्रा की आवाज से एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें अकाउंटेंट का नाम लिया गया है हालांकि अभी इस मामले में अधिकारी कुछ भी नहीं बता रहे हैं।
एक अन्य बाबू ने भी की आत्महत्या की कोशिश
पुलिस लाइन में तैनात एक बाबू ने सोमवार रात शराब के नशे में हाथ की नस काट ली। बताया जा रहा है कि बाबू का उसकी पत्नी से झगड़ा हो गया था. इसके बाद उसने आत्महत्या करने के लिए नस काटी थी हालांकि कर्मचारियों ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया। अब वह खतरे से बाहर बताया जा रहा है।
विजय कुमार एक साल तक गैरहाजिर और 31 बार दंडित थे। इसी को लेकर 13 अक्तूबर को बर्खास्त किया गया था। कमरे से सुसाइड नोट मिला है जिस पर अकाउंटेंट का नाम है। मामले की जांच कराई जा रही है। दूसरे बाबू का उसकी पत्नी से झगड़ा हो गया था। इसीलिए उसने आत्महत्या का प्रयास किया। -दिनेश कुमार पी, एसपी