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सालाना लाखों रुपये खर्च, पानी फिर भी पीने लायक नहीं

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शहर के मोहल्ला इनायत गंज में टोटी से निकलते गंदे पानी को दिखाते विक्रम सिंह। संवाद - फोटो : PILIBHIT
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पीलीभीत। शहर के लोगों को साफ पानी देने का दावा करने वाली नगर पालिका हर साल इसमें दस लाख रुपये घोल देती है। बावजूद इसके लोगों को स्वच्छ पानी नहीं मिल रहा। क्लोरीन और अन्य खर्चों के नाम पर दस लाख रुपये हर साल खर्च किए जा रहे हैं। बावजूद इसके साफ पानी तो दूर बीमार और पड़ रहे हैं।
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शहर की आबादी करीब सवा दो लाख है। चार ओवरहैड टैंक के जरिए पूरे शहर में पानी की आपूर्ति का दावा किया जा रहा है। 1980 में 53.4 किलोमीटर लंबी पाइप लाइन शहर में डाली गई थी। इस लाइन से यशवंतरी देवी मंदिर के पास 2250 लीटर, वॉटर बाक्स परिसर में 450 लीटर, नकटादाना चौराहा स्थित 380 लीटर, आवास विकास में 350 लीटर की क्षमता के टैंकों से जलापूर्ति की जा रही है। सालों से ओवरहैड टैंक साफ नहीं हुए हैं।
कुछेक ओवरहैड टैंक तो लीक कर रहे हैं। सड़कों के नीचे टूटी पाइप लाइन से घरों में गंदा पानी पहुंच रहा है। लोग यह पानी पीकर बीमार पड़ रहे हैं। हालांकि पालिका के अधिकारियों का दावा है कि साल में दो बार टैंकों को साफ कराया जाता है। मोहल्ला इनायतगंज, पूरनमल, कुंवरगढ़, तुलाराम, साहूकारा समेत कई ऐसे मोहल्ले ऐसे हैं जहां इस कदर गंदा पानी आ रहा है कि नहाना या पीना तो दूर उसे छू तक नहीं सकते। पानी में बदबू आ रही है।
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हर साल सवा तीन लाख क्लोरीन पर हो रहे खर्च
चारों टैंकों से शुद्ध पानी की सप्लाई के लिए क्लोरीन इलेक्ट्रिक ऑटो मशीनें लगाई गई हैं। पालिका कर्मचारियों का कहना है कि एक दिन में चारों मशीनों से रोजाना 12 लीटर क्लोरीन टैंकों में डाली जाती है। यानी सालभर में 4380 लीटर क्लोरीन की खपत होती है। जलकर प्रभारी के अनुसार क्लोरीन 76 रुपये प्रति लीटर मिलती है। ऐसे में नगरपालिका की ओर से साल में 3,32,880 रुपये क्लोरीन पर खर्च किए जाते हैं। जबकि अन्य उपकरणों और लाइन की मरम्मत आदि काम पर साल में दस लाख रुपये खर्च हो जाते हैं।
सवा दो लाख की आबादी, आधा शहर प्यासा
शहर में सवा दो लाख की आबादी है। नगर पालिका के आंकड़ों के अनुसार शहर में 25,524 घर हैं। इनमें 14 हजार घरों में पानी की आपूर्ति की जा रही है। पालिका के आंकड़ों पर ही गौर किया जाए तो आधा शहर प्यासा है। सवा दो लाख में महज 14 हजार घर तक ही पानी पहुंच रहा है। उसमें कई जगह तो टंकियां सूखी पड़ी हैं।
सात साल से आ रहा गंदा पानी- विक्रम सिंह
मोहल्ला इनायगंज निवासी विक्रम सिंह ने बताया कि उनके घर में पिछले सात साल से गंदा पानी आ रहा है। नगरपालिका से लेकर अन्य अफसरों को भी मामले से अवगत कराया गया। इसके बाद भी पानी में कोई सुधार नहीं कराया गया। पानी में इतनी दुर्गंध आती है कि छू भी नहीं सकते। मोहल्ले के करीब 20 से ज्यादा घरों में यह समस्या बनी हुई है।
जजर्र लाइनों की लगातार मरम्मत कराई जा रही है। अमृत योजना की लाइन भी जल्दी शुरू कराने के लिए जलनिगम के एमडी को पत्र भेजा गया है। अगर किसी मोहल्ले में गंदा पानी टंकी में आ रहा है, तो तत्काल कर्मचारियों को भेजकर लाइन दुरुस्त कराई जाएगी। - विमला जायसवाल, नगरपालिका अध्यक्ष पीलीभीत

शहर कोतवाली के पास वाटर वर्क्स में बनी पानी की टंकी से बहता पानी। संवाद- फोटो : PILIBHIT

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