फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP: बदायूं-पीलीभीत से लखनऊ के लिए सीधी ट्रेन अप्रैल से, रेल ट्रैक को ब्राडगेज में बदलने का काम पूरा

Fri, 02 Feb 2024 03:35 PM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत

सार

पीलीभीत-मैलानी-लखनऊ रेल मार्ग को ब्राडगेज करने और विद्युतीकरण का काम भी पूरा हो चुका है। फरवरी के अंत तक रेलवे संरक्षा आयुक्त (सीआरएम) का निरीक्षण और अप्रैल में पीलीभीत-शाहगढ़-मैलानी-लखनऊ रेल रूट पर ट्रेनों का संचालन शुरू हो जाएगा।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पीलीभीत-शाहगढ़ के बीच वन क्षेत्र में आने वाले 20 किमी रेल ट्रैक को ब्राडगेज में परिवर्तित करने का काम पूरा हो गया है। फरवरी के अंत तक रेलवे संरक्षा आयुक्त (सीआरएम) का निरीक्षण और अप्रैल में पीलीभीत-शाहगढ़-मैलानी-लखनऊ रेल रूट पर ट्रेनों का संचालन शुरू हो जाएगा। इससे कासगंज-बदायूं वाया बरेली-पीलीभीत-लखनऊ के लिए रेल सेवा का रास्ता खुल जाएगा। इसके अलावा पूर्वोत्तर रेलवे को टनकपुर-पीलीभीत-लखनऊ, काठगोदाम-पीलीभीत-लखनऊ-गोरखपुर रेल मार्ग भी मिल जाएंगे। 

विज्ञापन


पीलीभीत-मैलानी-लखनऊ रेल मार्ग को ब्राडगेज करने और विद्युतीकरण का काम भी पूरा हो चुका है। शाहगढ़-पीलीभीत के बीच की लाइन पीलीभीत टाइगर रिजर्व (पीटीआर) से गुजरती है। इस कारण इस रेल खंड में काम देरी से पूरा हो सका। यह मार्ग पूर्वोत्तर रेलवे के अधीन आता है। इसके शुरू होने से टनकपुर, काठगोदाम, लालकुआं, हल्द्वानी, काशीपुर स्टेशनों से सीधी लखनऊ के लिए रेल कनेक्टविटी बन जाएगी। 

'मैं सत्य खोज रहा था...': पेड़ से लटका मिला युवक का निर्वस्त्र शव, सुसाइड नोट छोड़ा, फिर भी कई सवाल अनसुलझे
विज्ञापन


इसके अलावा मथुरा-कासगंज-बदायूं-बरेली-पीलीभीत भी वाया मैलानी-लखनऊ-गोरखपुर रेल कनेक्टविटी से जुड़ जाएंगे। पूर्वोत्तर रेलवे के पास अभी लखनऊ के लिए सीधी रेल लाइन नहीं है। अभी कनेक्टविटी के लिए उत्तर रेलवे की लाइन का इस्तेमाल करना होता है। पूर्वोत्तर रेलवे की ट्रेनें बरेली-शाहजहांपुर होते हुए लखनऊ जाती हैं।

पीआरओ राजेंद्र सिंह ने बताया कि रेल खंड का काम लगभग पूरा हो गया है। फरवरी में उद्घाटन के बाद सीआरएस के निरीक्षण की उम्मीद है। इसके बाद पूर्वोत्तर रेलवे इस रेल रूट पर लखनऊ, गोरखपुर तक ट्रेनों का संचालन शुरू कर देगा। आगरा-कासगंज-बदायूं-बरेली-पीलीभीत-लखनऊ और काठगोदाम-लखनऊ-गोखपुर के बीच ट्रेनों का संचालन प्राथमिकता में है। 

दूसरे मंडलों पर कम होगी पूर्वोत्तर रेलवे की निर्भरता
पूर्वोत्तर रेलवे के इज्जतनगर मंडल की लंबी दूरी की ट्रेनों की बात करें तो काठगोदाम-गोरखपुर के बीच एक मात्र बाघ एक्सप्रेस है। टनकपुर-सिंगरौली और टनकपुर-शक्तिनगर के बीच त्रिवेणी एक्सप्रेस का संचालन बरेली होते हुए किया जाता है। कासगंज-बदायूं-बरेली होते हुए लखनऊ के लिए कोई ट्रेन ही नहीं है। 

दरअसल, बरेली-लखनऊ के बीच पूर्वोत्तर रेलवे उत्तर रेलवे के ट्रैक का इस्तेमाल करता है। लखनऊ, गोरखपुर के लिए नई ट्रेनें शुरू करने के लिए जब भी उत्तर रेलवे से रास्ता मांगा जाता है तब रूट व्यस्त होने का हवाला दे दिया जाता है। नया रूट शुरू होने के बाद पूर्वोत्तर रेलवे यात्रियों की सुविधा अनुसार नई ट्रेनों का संचालन शुरू कर सकेगा।
विज्ञापन

मीटरगेज और ब्रॉडगेज में अंतर 
मीटरगेज में दो पटरियों के बीच की दूरी 1 मीटर ही होती है, जबकि ब्रॉडगेज में पटरियों के बीच की दूरी 1.676 मीटर होती है।

पीलीभीत-शाहगढ़ के बीच गेज परिवर्तन का काम लगभग पूरा हो गया है। अप्रैल तक इस रेल रूट को ट्रेनों के संचालन के लिए खोल दिया जाएगा। रेल रूट शुरू होने से काठगोदाम, टनकपुर, बरेली, आगरा-मथुरा-कासगंज-बदायूं से लखनऊ के बीच रेल कनेक्टविटी बढ़ेगी।- पंकज सिंह, सीपीआरओ पूर्वोत्तर रेलवे
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें