दूसरे मंडलों पर कम होगी पूर्वोत्तर रेलवे की निर्भरता
पूर्वोत्तर रेलवे के इज्जतनगर मंडल की लंबी दूरी की ट्रेनों की बात करें तो काठगोदाम-गोरखपुर के बीच एक मात्र बाघ एक्सप्रेस है। टनकपुर-सिंगरौली और टनकपुर-शक्तिनगर के बीच त्रिवेणी एक्सप्रेस का संचालन बरेली होते हुए किया जाता है। कासगंज-बदायूं-बरेली होते हुए लखनऊ के लिए कोई ट्रेन ही नहीं है।
दरअसल, बरेली-लखनऊ के बीच पूर्वोत्तर रेलवे उत्तर रेलवे के ट्रैक का इस्तेमाल करता है। लखनऊ, गोरखपुर के लिए नई ट्रेनें शुरू करने के लिए जब भी उत्तर रेलवे से रास्ता मांगा जाता है तब रूट व्यस्त होने का हवाला दे दिया जाता है। नया रूट शुरू होने के बाद पूर्वोत्तर रेलवे यात्रियों की सुविधा अनुसार नई ट्रेनों का संचालन शुरू कर सकेगा।
मीटरगेज और ब्रॉडगेज में अंतर
मीटरगेज में दो पटरियों के बीच की दूरी 1 मीटर ही होती है, जबकि ब्रॉडगेज में पटरियों के बीच की दूरी 1.676 मीटर होती है।
पीलीभीत-शाहगढ़ के बीच गेज परिवर्तन का काम लगभग पूरा हो गया है। अप्रैल तक इस रेल रूट को ट्रेनों के संचालन के लिए खोल दिया जाएगा। रेल रूट शुरू होने से काठगोदाम, टनकपुर, बरेली, आगरा-मथुरा-कासगंज-बदायूं से लखनऊ के बीच रेल कनेक्टविटी बढ़ेगी।- पंकज सिंह, सीपीआरओ पूर्वोत्तर रेलवे