लखनऊ में हुए बर्बरतापूर्ण लाठी चार्ज के विरोध में रोजगार सेवकों ने एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी रोजगार सेवकों ने जुलूस निकाल कर मुख्यमंत्री को संबोधित नौ सूत्रीय ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा। ग्राम रोजगार सेवक संघर्ष समिति के बैनर तले जिले भर से आए रोजगार सेवक बृहस्पतिवार को नेहरू पार्क में एकत्र हुए। यहां रोजगार सेवकों ने लखनऊ में 25 सितंबर को पुलिस द्वारा किए गए लाठी चार्ज व संगठन प्रतिनिधियों समेत 91 रोजगार सेवकों पर मुकदमा दर्ज करने के विरोध में नारेबाजी कर धरना दिया। धरना स्थल पर हुई सभा में जिला स्तरीय संचालन समिति के सदस्य हरीश कुमार ने कहा कि लखनऊ में अपनी विभिन्न मांगों को लेकर संविदा पर तैनात रोजगार सेवक अनिश्चितकालीन धरना दे रहे थे। सरकार की अदूरदर्शी नीति के कारण 14वें दिन पुलिस द्वारा रोजगार सेवकों पर बर्बरतापूर्ण लाठी चार्ज किया गया और 91 रोजगार सेवकों के खिलाफ फर्जी मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया। जो निंदनीय व अमानवीय होने के साथ सरकार की संवेदनहीनता को प्रर्दशित करता है। प्रदेश सरकार की इस तानाशाही को कतई नहीं चलने दिया जाएगा। कहा कि रोजगार सेवक संगठित रहें। मांगों को लेकर अब आरपार की लड़ाई लड़ी जाएगी। इसके बाद रोजगार सेवक जुलूस की शक्ल में नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां उन्होंने मुख्यमंत्री को संबोधित नौ सूत्रीय ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा। ज्ञापन में लाठी चार्ज के दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने, संगठन प्रतिनिधियों समेत 91 रोजगार सेवकों के खिलाफ दर्ज मुकदमों को वापस लेने के साथ लाठीचार्ज मामले की न्यायिक जांच कराने व लंबित मांगों का तत्काल निस्तारण कराने की मांग की गई। ज्ञापन में लंबित मांगों का निस्तारण न होने पर 12 अक्तूबर को विधानसभा घेराव करने की चेतावनी दी गई। धरना देने वालों में अमानत रसूल, यशपाल गंगवार, शिवनाथ प्रसाद, आदेश कुमार, मोहम्मद अफरोज समेत जिले के कई रोजगार सेवक शामिल रहे।