बिलसंडा। नगर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में शुक्रवार को कथावाचक विमल कृष्ण शास्त्री ने श्री कृष्ण-रुक्मिणी के विवाह का प्रसंग सुनाया। इसे सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो गए।
कथावाचक ने कहा कि जो भक्त श्रीकृष्ण-रुक्मिणी के विवाह उत्सव में शामिल होते हैं, उनकी वैवाहिक समस्याएं हमेशा के लिए समाप्त हो जाती है। रुक्मिणी विवाह का वर्णन करते हुए कहा कि रुक्मिणी के भाई रुक्मी ने उनका विवाह शिशुपाल के साथ सुनिश्चित किया था, लेकिन रुक्मिणी ने संकल्प लिया था कि वह शिशुपाल को नहीं गोपाल को पति के रूप में वरण करेंगी, क्योंकि शिशुपाल असत्य मार्गी और द्वारिकाधीश सत्य मार्गी हैं। इस दौरान डॉ आनंद प्रकाश गुप्ता ,राजेंद्र बाबू गुप्ता, अनिल कुमार गुप्ता, राजेश बाबू गुप्ता, संजीव बाबू गुप्ता समेत कई लोग मौजूद रहे।