पीलीभीत। श्रीगणेश चतुर्थी महोत्सव की धूम में श्रद्धालु सराबोर हैं। विसर्जन से पूर्व घर, मंदिरों व पंडालों में धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इस क्रम में बृहस्पतिवार को भी शहर से ग्रामीण क्षेत्र तक जगह-जगह गणपति पूजन उत्साह के साथ किया गया।
पीलीभीत व महाराष्ट्र मित्र मंडल की ओर से चल रहे महोत्सव में बृहस्पतिवार देर रात तक संगीतमय सुंदरकांड का श्रद्धालुओं ने मंत्रमुग्ध होकर पाठ किया। रीतेश शर्मा व उनकी टीम ने संगीतमय सुंदरकांड पाठ किया। समापन पर भक्तों को प्रसाद वितरित किया गया। आयोजक मंडल की ओर से शुक्रवार को धार्मिक गीतों पर आधारित बच्चों की नृत्य प्रतियोगिता कराई जाएगी। इस दौरान दीपक सावंत, जीतू मराठा, दिनेश मराठा, शुभम मराठा, पप्पू उपस्थित रहे।
विघ्नहर्ता के जयकारों से गूंजा पंडाल
बिलसंडा। नगर के देवीस्थान मंदिर पर गणेश महोत्सव धूमधाम से मनाया जा रहा है। सुबह और शाम को श्रीरामकथा सुनाई जा रही है, जिसमें बड़ी संख्या में भक्त शामिल हो रहे हैं।
नगर में महोत्सव 20 वर्षों से हर्षोउल्लास से मनाया जा रहा है। रामकथा में कथा व्यास पंकज ने श्रीराम की बाल लीलाओं का बखान किया। सुंदर-सुंदर झांकी आकर्षण का केंद्र रहीं। भक्तों ने भगवान श्रीगणेश का पूजन और आरती कर जयकारे लगाए।
गांव रामपुर अमृत के बसोले बाबा देवस्थल पर भागवत कथा में कथा व्यास राकेश शास्त्री ने रुक्मणी विवाह का वर्णन करते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने सभी राजाओं को हराकर विदर्भ की राजकुमारी रुक्मणी को द्वारका में लाकर उनका पाणिग्रहण किया। इसमें आकर्षक वेश-भूषा में श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह की झांकी प्रस्तुत कर विवाह संस्कार की रस्मों को पूरा किया गया। संवाद
पीलीभीत एवं महाराष्ट्र मित्र मंडल के श्री गणेश चतुर्थी उत्सव में सुंदरकांड का पाठ करते श्रद्धाल
पीलीभीत एवं महाराष्ट्र मित्र मंडल के श्री गणेश चतुर्थी उत्सव में सुंदरकांड का पाठ करते श्रद्धाल