कलीनगर में राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय। संवाद
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पीलीभीत। बजट के अभाव में जिले की कई बड़ी परियोजनाओं के कार्य अधर में लटक गए हैं। इसमें पूरनपुर का राजकीय महिला पॉलिटेक्निक और राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज का छात्रावास तथा आईटीआई पूरनपुर समेत कई परियोजनाएं शामिल हैं। शासन को बजट के लिए फिर लिखा गया है।
राजकीय महिला पॉलिटेक्निक का छात्रावास 2.19 करोड़ से बनना है, लेकिन शासन से सिर्फ 68 लाख रुपये ही मिले हैं। छात्रावास के भवन का बेस तैयार हो गया है, लेकिन आगे का निर्माण कार्य बाधित है। राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज के छात्रावास के लिए 4.7 करोड़ की जरूरत है। अभी तक सिर्फ 29 लाख रुपये का बजट जारी हुआ। इससे छात्रावास का निर्माण शुरू ही हो सका है। उदयपुर माफी पेयजल योजना के लिए 2.17 करोड़ के बजट की जरूरत थी। शासन से 1.08 करोड़ रुपये मिले हैं। इसे 40 प्रतिशत कार्य कराया जा चुका है। शेष कार्य अधूरा पड़ा है।
माधोटांडा में अधूरे पड़े राजकीय आश्रम पद्धति के विद्यालय का बजट रिवाइज किया गया है। पहले 12.7 करोड़ का बजट था, जिसे बढ़ाकर अब 16.5 करोड़ का किया गया है। इसका भवन लगभग तैयार हो गया है, लेकिन फिनिशिंग व अन्य कार्य बाकी हैं। पशुपालन विभाग की परियोजना में भी बजट नहीं मिला है। इसकी सिर्फ बाउंड्रीवॉल ही हो सकी है। कजरी निरंजनपुर में 1.2 करोड़ की लागत से गोशाला बन रही है। इसके लिए अभी 60 लाख रुपये मिले हैं। आईटीआई पूरनपुर का बजट रिवाइज किया गया है। बजट पूरा जारी न होने के कारण आईटीआई को शुरू नहीं किया जा सका। वहां के विद्यार्थी राजकीय आईटीआई पीलीभीत से संबद्ध हैं।
डूडा की सड़कों के लिए भी बजट की दरकार
जिला नगरीय विकास अभिकरण (डूडा) की करीब बीस सड़कों का काम अधूरा पड़ा है। बजट न मिलने से सड़कों का काम पूरा नहीं हो सका। हालांकि अब बजट की मांग के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। विभाग से मिली जानकारी के अनुसार करीब सवा करोड़ का बजट मांगा गया है, ताकि अधूरी सड़कों का कार्य पूरा किया जा सके।
ज्यादातर परियोजनाओं का बजट मांग के अनुसार जारी हो रहा है। कुछ परियोजनाओं में बजट मांगा है। उसका बजट अभी नहीं आया है। - नरेंद्र यादव, डीएसटीओ