सूचना पर पहुंचे एसडीएम ने गोदाम खुलवाकर जांच की। एसडीएम के आदेश पर जीएम ने मामले में की गई लापरवाही की जांच शुरू कर दी है।
रविवार को किसान संदीप दीक्षित, राजकुमार दीक्षित, रामप्रताप पांडेय, जसपाल सिंह, अजीत सिंह, रक्षपाल आदि को बोरियों में अधिक चीनी भरने की जानकारी मिली। इस पर तमाम किसान मौके पर पहुंच गए और हंगामा करते हुए प्रदर्शन करने लगे। सूचना पर चीफ केमिस्ट एनके वाजपेई भी मौके पर पहुंच गए और बोरियों की दुबारा तौल कराई। इस दौरान 14 बोरियों में 15 किलोग्राम तक अधिक चीनी मिली। हंगामे की सूचना पर एसडीएम संजयकुमार, जीएम, कोतवाल धर्मपाल सिंह मौके पर पहुंच गए और किसी तरह से किसानों को शांत कराया। प्रदर्शनकारी किसानों का कहना था कि कि अच्छा गन्ना देने के बाद भी चीनी मिल की रिकवरी चीनी चोरी के चलते कम आ रही है। एसडीएम ने गोदामों की जांच की। एसडीएम ने बताया कि तुलवाई गई बोरियों में 14 बोरियों में 15 किलोग्राम चीनी तक अधिक पाई गई। गोदाम की चेकिंग में बोरियां सही मिली हैं। मिल प्रधान प्रबंधक ब्रजपाल सिंह ने बताया कि कुछ बोरियों में चीनी अधिक मिली है। कर्मचारियों ने कांटा खराब होने की जानकारी दी है। पूरे मामले की जांच की जा रही है। लापरवाह लोगों के खिलाफ कार्रवाई होगी। उधर, भाकियू के वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष मंजीत सिंह और स्वराज सिंह का कहना है पूरनपुर चीनी मिल की रिकवरी पिछले साल भी बहुत खराब रही थी। चीनी की चोरी होने की शिकायत पिछले साल और उससे पहले भी की गई, लेकिन अफसरों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया।