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Pilibhit News: तीन दिन बाद होनी थी दीपक की सगाई, मातम में बदलीं खुशियां

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फोटो- 24     बीसलपुर के गांव टिकरी में गमगीन मुद्रा में बैठे मृतक कुलदीप के परिजन और अन्य महिला
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- परिवार में इकलौता था दीपक, हादसे में मौत की सूचना से टूट गए मां के अरमान
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- सगाई की पूरी हो चुुकी थीं सभी तैयारियां, सात साल पहले पिता की हो चुकी है मौत
संवाद न्यूज एजेंसी
पीलीभीत। तीन दोस्तों की मौत से उनके परिवार में मातम है। हादसे में दीपक के परिजनों को गहरा सदमा लगा है। सात साल पहले उसके पिता की मौत हो चुकी है। दीपक अपनी बूढ़ी मां का इकलौता बेटा था। 26 फरवरी को उसकी सगाई थी, जिसकी तैयारियां पूरी हो चुकी थीं। एकाएक मौत की सूचना से बूढ़ी मां के सारे सपने टूट गए हैं।
बरखेड़ा क्षेत्र के गांव कटकवारा निवासी चाचा भीमसेन ने बताया कि दीपक के पिता खेमकरन की सात साल पहले मौत हो चुकी है। पिता सेवानिवृत्त शिक्षक थे। उनकी मौत के बाद दीपक पर सारी जिम्मेदारी आ गई थी। बूढ़ी मां मिथलेश की देखरेख के साथ दीपक खेती करने के अलावा आईटीआई की पढ़ाई कर रहा था। मां की देखरेख में दिक्कत हो रही थी। इस पर परिवार ने दीपक की शादी उत्तराखंड के रुद्रपुर निवासी एक युवती से तय कर दी थी। 26 फरवरी को दीपक की सगाई होनी थी। पिछले कई दिनों से सगाई की तैयारियां चल रहीं थीं। इकलौते पुत्र की शादी के चलते मां भी काफी खुश थी। जेवर आदि भी खरीद लिए थे। सगाई काफी शानदार तरीके से करने की योजना थी। करीब 150 लोगों को सगाई में ले जाने के लिए वाहनों की बुकिंग भी हो चुकी थी। सगाई से तीन दिन पूर्व हादसे में दीपक की मौत होने से मां के सारे अरमान टूट गए। जवान बेटे की मौत से मां बदहवास है।
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एमए का छात्र था सूर्यप्रताप, कुलदीप की थी कपड़े की दुकान
बीसलपुर के रुरिया गांव निवासी सुरेंद्र पाल सिंह का पुत्र सूर्यप्रताप सिंह अभी पढ़ाई कर रहा था। वह एमए की पढ़ाई कर रहा था, जबकि क्षेत्र का कुलदीप रेडिमेड कपड़ों का व्यापार करता था। बीसलपुर में ही उसकी कपड़े की दुकान है।

अज्ञात वाहन की टक्कर में तीन युवकों की मौत की हुई है। मामले में बीसलपुर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज की गई है। घटना को लेकर जांच की जा रही है।
- अतुल शर्मा, एसपी
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