जिला पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ दाखिल किए अविश्वास प्रस्ताव पर 22 मई को फैसला होगा। जिला जज की सहमति लेने के बाद डीएम ने बैठक बुलाई है। इसके लिए सभी सदस्यों को सूचना भेजी जा रही है। प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद से जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी डगमगाने लगी थी। बीसलपुर की जिला पंचायत सदस्य शोभना देवी ने अप्रैल में 19 सदस्यों के शपथपत्र के साथ अविश्वास प्रस्ताव सौंपा था। हालांकि दूसरे दिन इनमें से तीन सदस्यों ने जिला पंचायत अध्यक्ष आरती महेंद्र व उनके ससुर पूर्व विधायक पीतमराम के साथ डीएम से मुलाकात कर शपथपत्र सौंपे थे। इसमें तीनों ने खुद को आरती महेंद्र के साथ होना बताकर एक दिन पूर्व उनके नाम से सौंपे गए शपथ पत्रों को गलत बताया था। तत्कालीन डीएम मासूम अली सरवर ने मामले की जांच डीपीआरओ को सौंपी थी। पत्रावली का अध्ययन करने एवं विधिक राय लेने के बाद डीपीआरओ ने रिपोर्ट तैयार कर करी थी। इस बीच डीएम का स्थानांतरण हो गया। नवागत डीएम शीतल वर्मा ने सोमवार को कार्यभार ग्रहण करने के बाद कार्यालय में बैठते ही सबसे पहले जिला पंचायत के अविश्वास प्रस्ताव की पत्रावली तलब की थी। अविश्वास प्रस्ताव की बैठक जिला जज की अध्यक्षता में होती है इसलिए जिला जज से अनुमति प्राप्त की गई। अनुमति मिलने के बाद अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के लिए 22 मई का तिथि निर्धारित की गई है। तिथि का निर्धारण होने के बाद सभी 34 सदस्यों को बैठक में उपस्थित होने की सूचना देने को पत्र भेजे गए हैं।