अमरिया क्षेत्र में कैलाश नदी किनारे काटे गए पेड़ । संवाद
अमरिया। कैलाश नदी के किनारे खड़े लाखों रुपये कीमत के सेमल के कई पेड़ लकड़कट्टों ने काटकर बेच दिया। पेड़ कटान के संबंध में वन विभाग से अनुमति नहीं ली गई तो राजस्व विभाग को भी भनक नहीं लगी। नहर विभाग भी अनजान बना रहा। मामले में वन विभाग जांच कराने की बात कह रहा है।
मामला ग्राम पंचायत उड़रा का है। ग्राम पंचायत के पास से गुजरी पुरानी कैलाश नदी के किनारे पर कीमती सेमल के पेड़ खड़े थे। दशकों पुराने इन पेड़ों को लकड़कट्टों ने शुक्रवार को एक किसान से मिलीभगत कर काटकर बेच दिया। कुछ पेड़ों की लकड़ी मौके पर ही पड़ी मिली।
बताया जा रहा है कि पेड़ों को काटने की न तो वन विभाग से अनुमति ली गई और न ही मूल्यांकन कराया गया। प्रधान हरपाल सिंह ने बताया कि पेड़ों को काटे जाने की उन्हें कोई जानकारी नहीं है। नहर, वन विभाग और राजस्व विभाग भी अंजान बने है।
कैनाल विभाग के जेई अनिल कुमार ने बताया कि पुरानी कैलाश नदी हमारे अधिकार क्षेत्र में नहीं है। राजस्व विभाग के अधीन है। वहीं वन दरोगा सोनी सिंह ने बताया कि सेमल के पेड़ों के काटे जाने की जानकारी मिली है। जांच कराई जाएगी।
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सेमल के पेड़ काटे जाने का मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। राजस्व कर्मियों की टीम भेजकर मामले की छानबीन कराई जाएगी।
- अजीत प्रताप सिंह, एसडीएम अमरिया