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समाज के मुद्दों पर कवियों ने की तीखी चोट

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पीलीभीत। वयम संस्था के बैनर तले गजरौला स्थित ब्राइट फ्यूचर डिग्री कॉलेज में कवि सम्मेलन आयोजित किया। दिन में दस बजे से दोपहर दो बजे तक सम्मेलन हुआ। इसमें ग्वालियर से आए कवि रचित दीक्षित, पीलीभीत अमिताभ अग्निहोत्री, जीतेश राज नक्श, कुलदीप कल्प, बरेली से अमित मुनि, लखनऊ से कवि अंकित चक्रवर्ती और पूरनपुर से कवि शशांक पांडेय ने काव्यपाठ किया। शुभारंभ प्रबंधक मोहम्मद आरिफ ने दीप प्रज्वलित कर किया। संस्थान की प्रवक्ता कामिनी अली ने सभी से कवियों का परिचय कराया। कवि शशांक पांडेय ने कहा - हमारे बारे में बस इतना ही बात काफी है यारों, हम शाइरी के जरिए दर्द का कारोबार करते हैं। कवि अंकित चक्रवर्ती ने भगवा परिवेश मंदिर की घंटी और जवानी से मेरा हिंदुस्तान बना है गंगा जी के पानी से। रचित दीक्षित ने कहा- प्रेम किसी निष्कासित कण का स्वयं सबल हो रवि होना है। कवि विकास ने कहा - आग नफरत की जो भी लगाने गया, घर उसी का जला, सोच कर देखिए। अमिताभ अग्निहोत्री ने सुनाया- जो समाज में जहर घोलते है वो न हिन्दू न मुसलमान होते, शैतान की औलाद होते है। अमित मुनि ने कहा - हम क्या जाने हम मजूर हैं दो सौ रुपये दिहाड़ी के। जीतेश राज ‘नक्श’ ने - मुहब्बत, दोस्ती हो, अपनापन हो या हो हमदर्दी, यहां हर चीज की कीमत चुकानी पड़ ही जाती है सुनाकर महफिल लूट ली। विद्यालय स्टाफ से राहुल अवस्थी, कृष्ण देव शुक्ला, मुकेश गुप्ता, मीना गंगवार, संतोष शर्मा जगदीश सक्सेना और विद्यार्थी उपस्थित रहे। संचालन गीतकार विकास आर्य स्वप्न ने किया। कवियों को सम्मानित किया गया। प्रवक्ता कामिनी अली के आभार के साथ कवि सम्मेलन संपन्न हुआ।
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