बृहस्पतिवार दोपहर से लापता चल रहे करेली गांव निवासी 22 वर्षीय रामवीर पुत्र ओमप्रकाश का शव मकान से एक किलोमीटर दूर शीशम के पेड़ पर लटका मिला। कपड़े की धोती का फंदा बनाकर फांसी लगाई गई थी। परिवारीजनों से सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। प्रथम दृ़ष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, जबकि परिवार वाले हत्या की आशंका जता रहे है।
बिलसंडा थाना क्षेत्र के करेली गांव निवासी 22 वर्षीय रामवीर पुत्र ओमप्रकाश मजदूरी करते थे। बृहस्पतिवार दोपहर करीब दो बजे रामवीर घर से बिना बताए पैदल निकल गए। इसके बाद से उसका कोई सुराग नहीं लग सका। देर शाम तक वापस न आने पर परिवारीजन चिंतित हो गए और तलाश शुरू कर दी। आसपास के इलाकों में भी देखा, लेकिन कोई पता नहंी लग सका। दूसरे दिन शुक्रवार दोपहर को लापता रामवीर का शव मकान से एक किलोमीटर दूर एक खेत में शीशम के पेड़ पर लटका मिला। तलाशने निकले चाचा लालाराम और अन्य रिश्तेदारों ने पेड़ पर शव लटकता देखा तो होश उड़ गए। शोर मचाकर आसपास के लोगों को जमा किया। परिवार वाले भी आ गए। इसकी सूचना पुलिस को दी गई। जिस पर इंस्पेक्टर अतुल प्रधान टीम के साथ मौके पर पहुंचे। शव कपड़े की धोती से बने फंदे पर लटका हुआ था। खेत पर एक साइकिल व हसिया पड़ा हुआ मिला। शरीर पर कोई चोट का निशान न होने पर पुलिस को मामला प्रथम दृष्टया आत्महत्या का प्रतीत हुआ। पुलिस ने परिवारीजनों से जानकारी की, जिसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। इधर परिवार वाले हत्या की आशंका जाहिर कर रहे है। हालांकि कारण को लेकर उनके पास भी कोई जवाब नहीं है।
पहली करवा चौथ से पहले ही उजड़ गई राखी की मांग
पीलीभीत। रामवीर तीन भाईयों में सबसे बड़ा और बेहद सुलझा हुआ इंसान था। उसके दो छोटे भाई अरविंद (18) और मंदीप (12) हैं। मां रामकली और पिता ओमप्रकाश को उम्र के बढ़ते पड़ाव में हरसंभव मदद देने की जुगत में रामवीर लगा रहता था। परिवारीजन हत्या की आशंका जाहिर कर रहे है, तो वहीं पुलिस आत्महत्या किए जाने की। दोनों ही मामलों में कारण का किसी को पता नहीं है। रामवीर के सरल स्वभाव को लेकर उसके आत्महत्या और हत्या के पीछे कारण का कोई जवाब अभी पुलिस के पास भी नहीं है। अभी तीन माह पूर्व ही उसकी शादी शाहजहांपुर के चठिया गांव निवासी राखी से हुई थी। शादी के बाद कुछ दिन ससुराल में बिताने के बाद उसकी विदाई हो गई थी। जिसके बाद से वह मायके में रह रही है। इधर उसकी अचानक लाश मिलने पर हर कोई बदहवाश है। इन सबके बीच पति की मौत की सूचना राखी को फोन पर दी गई ह। अभी हाथों की मेंहदी का रंग भी पूरी तरह से फीका नहीं पड़ा था। राखी की पहली करवा चौथ आने वाली थी। पर अफ सोस कुदरत को कुछ और ही मंजूर था। मात्र तीन महीने में राखी की मांग उजड़ गई है।