- चिकित्सकों से नोकझोंक, महिला की हालत में सुधार होने पर शांत हुए हंगामा करने वाले
- पुलिस अभिरक्षा में मौत के मुंह में समाए मोहल्ला रजागंज के शकील की पत्नी है गुलिस्ता
पुलिस अभिरक्षा में मौत के मुंह में समाए मोहल्ला रजागंज देहात निवासी शकील की पत्नी गुलिस्ता की सीएचसी में इलाज के दौरान हालत खराब हो गई। इस पर गुस्साएं लोगों ने सीएचसी में जमकर हंगामा किया। हंगामा कर रहे लोगों की चिकित्सकों से नोकझोंक भी हुई। हालांकि बाद में गुलिस्ता की हालत में सुधार होने पर हंगामा कर रहे लोग शांत हो गए।
कोतवाली में 31 मार्च को पुलिस अभिरक्षा में पूरनपुर देहात के मोहल्ला रजागंज निवासी शकील और सद्दाम की मौत हो गई थी। शकील की पत्नी गुलिस्ता सात माह के गर्भ से है। पांच दिन पहले गुलिस्ता की हालत खराब होने पर उसे जिला अस्पताल ले जाया गया था। जिला अस्पताल में इलाज के दौरान उसे एक दिन छोड़कर ड्रिप लगवाने की सलाह दी गई। गुलिस्ता बुधवार को सीएचसी में ड्रिप लगवाने आई थी। ड्रिप लगने के बाद गुलिस्ता की सीएचसी में हालत बिगड़ गई। इस पर एकत्र हुए उसके समर्थकों ने सीएचसी में हंगामा शुरू कर दिया। हंगामा कर रहे लोगों की सीएचसी के चिकित्सकों से नोकझोंक भी हुई। चिकित्सकों का कहना था कि गुलिस्ता की हालत ठीक है, लेकिन हंगामा कर रहे लोग मानने को तैयार नहीं थे। हालांकि कुछ देर बाद खुद गुलिस्ता के कहने पर कि ‘अब मैं ठीक हूं’, तब कहीं जाकर लोग शांत हुए।
गुलिस्ता एक दिन पहले भी सीएचसी आई थी, तब उसे ड्रिप लगवाई गई। बुधवार को गुलिस्ता फिर सीएचसी आई उसे दवाई दिलवा दी गई। साथ ही ड्रिप लगवाई गई। ड्रिप तेज चलने से गुलिस्ता ठंड महसूस करने के साथ कांपने लगी। इस पर लोग उसकी हालत खराब होना समझ कर हंगामा करने लगे। ड्रिप निकलवा देने पर गुलिस्ता की हालत ठीक हो गई। इलाज के बाद ही गुलिस्ता सीएचसी से गई है।
- डॉ. मोहम्मद असलम, एमओआईसी