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रेप के आरोपी ने पत्नी संग गैंगरेप की गढ़ी कहानी

Mon, 04 Apr 2016 11:52 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पीलीभीत
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बरेली जेल से जमानत पर छूटे खीरी जिले के एक रेप के आरोपी ने पीड़िता के भाई और उसके दो रिश्तेदारों को फंसाने के लिए गैंगरेप की योजना बनाई और रविवार को अपनी पत्नी के साथ पीलीभीत पहुंचे। रविवार की देर शाम थाना सुनगढ़ी पहुंचकर युवक ने पत्नी के साथ बरेली के तीन आरोपियों पर सामूहिक रेप का आरोप लगाते हुए पुलिस को तहरीर दी, जिस पर पुलिस ने तीनों के खिलाफ के रिपोर्ट दर्ज कर ली थी। उधर, जब पुलिस ने मामले की पड़ताल की तो आरोपियों के दिल्ली में मजदूरी करने की पुष्टि हुई, जिस पर पुलिस ने जब कड़ाई की तो दंपति ने सच उगल दिया। पुलिस अब दोनों के खिलाफ झूठी सूचना देने के आरोप में कार्रवाई करेगी। 
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रविवार की देर शाम करीब 9.30 बजे खीरी जिले के थाना पलिया कलां क्षेत्र के एक गांव निवासी 25 वर्षीय सूरज गुप्ता अपनी पत्नी के साथ थाना सुनगढ़ी पहुंचा। उसने पुलिस को बताया कि उसकी ससुराल नेपाल में है। वह पत्नी को मायके से लेकर बनबसा के रास्ते घर जाने के लिए पीलीभीत आया था। रेलवे स्टेशन जाने के लिए रामलीला ग्राउंड पर पैदल आते समय तीन युवकों ने उसे और उसकी पत्नी को बंधक बना लिया। तीनों युवकों ने उसकी पिटाई की और पत्नी के साथ सामूहिक  दुराचार किया। गैंगरेप होने की बात सुनकर पुलिस के हाथपांव फूल गए। 
इंस्पेक्टर अतुल प्रधान, चौकी इंचार्ज आसाम के साथ दंपति को साथ लेकर मौके पर पहुंचे और घटना स्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने बरेली की भोजीपुरा पुलिस से संपर्क कर नाम-पते बताकर आरोपियों के बावत जानकारी ली। तो पता चला कि सूरज गुप्ता रेप का आरोपी है, जिन युवकों पर उसकी पत्नी ने आरोप लगाया है, उनमें से एक आरोपी पीड़ित युवती का भाई और दो अन्य उसके रिश्तेदार हैं। तीनों वर्तमान में दिल्ली में रहकर मजदूरी कर रहे हैं। 
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माजरा समझ में आते ही पुलिस ने दंपति से कड़ाई से पूछताछ की तो दोनों ने सच उगल दिया। सूरज गुप्ता ने पुलिस को बताया कि वह नेपाल में बाइक की मरम्मत का काम करता था। पास में ही बरेली के भोजीपुरा थाना क्षेत्र के एक गांव के युवक की परचून की दुकान थी। दोनों में दोस्ती होने के कारण एक-दूसरे के घर आना-जाना था। उसका कहना है कि दोस्त की पत्नी ने बरेली निवासी अपनी मौसेरी ननद को बुलाया और उससे जान पहचान कराई थी। इसके बाद दोनों के बीच बातचीत होने लगी। वर्ष 2014 में वह काम छोड़कर घर लौट आया था। उसका कहना है कि दोस्त की पत्नी ने युवती को उसका भारतीय मोबाइल नंबर दे दिया। एक जनवरी 15 को युवती उसके घर पर आ गई। थोड़ी देर बाद युवती के परिवार वाले भी पहुंच गए और युवती को घर ले गए थे। बाद में भोजीपुरा थाने में उसके खिलाफ दुराचार की झूठी रिपोर्ट दर्ज करा दी थी। पुलिस ने उसे 10 फरवरी 2015 को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। उसने बताया कि जेल में उसकी कुछ लोगों से दोस्ती हो गई। दोस्तों ने आरोपियों को फंसाने की योजना बनवाई। 14 फरवरी को जेल से जमानत पर छूटने के बाद उसने योजना के मुताबिक काम किया और ट्रेन से रविवार की शाम पीलीभीत पहुंचा। मामले में समझौते का दबाव बनाने और झूठा फंसाने का सबक सिखाने के लिए उसने पत्नी के साथ गैंगरेप होने का ड्रामा किया और तीनों आरोपियों पर रिपोर्ट भी दर्ज करा दी।
इंस्पेक्टर अतुल प्रधान ने बताया कि सोमवार को महिला का मेडिकल परीक्षण कराने के बाद कोर्ट में बयान कराए गए हैं। इंस्पेक्टर के मुताबिक महिला ने कोर्ट में बताया कि उसके पति को झूठा फंसाया गया था। पेशी पर आने-जाने पर युवती के घरवाले उसके पति को धमकी देते थे। इसलिए उसने पति के कहने पर अपने साथ गैंगरेप होने की बात कही थी। इंस्पेक्टर ने बताया कि दंपति के खिलाफ 182 की कार्रवाई की जाएगी। 
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