बहराइच के एग्रीकल्चर इंजीनियर की केंद्रीय मंत्री के प्रतिनिधियों द्वारा नौकरी के नाम पर 20 लाख रुपये ठगने की शिकायत पर अब तक रिपोर्ट दर्ज नहीं करने पर डीजीपी ने जवाब मांगा है। डीजीपी ने एसपी से पूछा है कि रिपोर्ट क्यों नहीं दर्ज की गई।
बहराइच के महिपुरवा ब्लाक के गांव नैनिया निवासी एग्रीकल्चर इंजीनियर भूपेंद्र सिंह ने पिछले दिनों डीएम से शिकायत की थी कि केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी के प्रतिनिधि समेत तीन लोगों ने उससे नौकरी के नाम पर 20 लाख रुपये ठग लिए हैं। इस पर मेनका के प्रतिनिधि का कहना था कि शिकायत करने वाला इंजीनियर रालोद नेता और जिला पंचायत सदस्य मंजीत सिंह का रिश्तेदार है। दरअसल मंजीत सिंह ने एक दलित से नौकरी के नाम पर तीन लाख रुपये ठग लिए थे और एक व्यक्ति की भूमि पर कब्जा कर लिया था। इन मामलों में केंद्रीय मंत्री के निर्देश पर उनके प्रतिनिधि ने मंजीत के खिलाफ कार्रवाई की पैरवी की थी, इसलिए मंजीत ने अपने रिश्तेदार भूपेंद्र से उन पर 20 लाख की ठगी का आरोप लगवा दिया। इसके बाद पुलिस ने मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया।
अब मामले में नया मोड़ आ गया है। शिकायतकर्ता के पत्र को संज्ञान में लेने के बाद डीजीपी ने मामले में पुलिस से रिपोर्ट तलब की है। डीजीपी ने इस बाबत एसपी को पत्र भेजकर पूछा है कि भूपेंद्र की शिकायत पर अब तक रिपोर्ट दर्ज क्यों नहीं की है। इधर, पुलिस का कहना है कि शिकायतकर्ता को जांच के लिए कई बार बुलाया जा चुका है लेकिन उसके सामने न आने से असमंजस की स्थिति बन गई है।
डीजीपी का पत्र प्राप्त हुआ है। इसमें भूपेंद्र की शिकायत पर कार्रवाई न होने के संबंध में जवाब मांगा गया है। दरसअल, शिकायतकर्ता के कई बार बुलाने पर भी न आने और अपना मोबाइल नंबर छिपाने के कारण जांच पूरी नहीं हो सकी है। शिकायत को लेकर संदेह की स्थिति बनी हुई है। डीजीपी को जवाब भेजा जा रहा है।
- निर्मल बिष्ट, सीओ सिटी