रास्ते के विवाद में उलझकर एक युवती की शवयात्रा तीन घंटे तक रुकी रही। इसकी एसडीएम से शिकायत की गई। इसके बाद मौके पर पहुंची राजस्व टीम व पुलिस ने निपटारा कराया। शव को एक खेत से रास्ता दिलाकर शमशान तक पहुंचवाया गया।
शेरपुर कस्बे के रहने वाले रंजीत वाल्मीकि की 17 वर्षीय पुत्री पिंकी की बीमारी के चलते शनिवार रात मौत हो गई। शमशान घाट तक रास्ता न होने के कारण शवयात्रा तीन घंटे तक रुकी रही। एकत्र वाल्मीकि समाज के लोगों ने रविवार को रविवार को एसडीएम कार्यालय पहुंचकर समाधान की मांग करते हुए शव शमशान तक पहुंचाने के लिए रास्ता दिलाने की मांग की। इसको गंभीरता से लेते हुए एसडीएम ने राजस्व व पुलिस टीम को मौके पर भेजा। यूपी 100 डायल पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। बातचीत के बाद शवयात्रा को एक खेत से रास्ता दिलाकर मामला शंात कराया गया। प्रधानपति रियाजतनूर खां मझले ने बताया कि पास के एक खेत से रास्ता दिलाकर पिंकी के शव का अंतिम संस्कार किया गया।
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वाल्मीकि समाज के शमशान घाट को काफी घूमकर रास्ता था। आवादी बढने के साथ ही रास्ते पर कब्जा होता गया। अभी तक लोग समीप के एक खेत से शमशान घाट जाते थे। खेत के चारों ओर बाड़ लगने से रास्ता बंद हो गया। बुधवार को पैमाइश कर शमशान घाट का सीधा रास्ता दिलवाया जाएगा।
- सुमेर लाल, राजस्व निरीक्षक।