दो चचेरे भाइयों के अपहरण की कहानी पुलिस की जांच में फर्जी निकली है। बकौल पुलिस, दोनों ने लखीमपुर खीरी के थाना फरधान के गांव खजुआ निवासी गुरविंदर उर्फ पप्पू से मिलकर रिश्ते की एक महिला से रकम ऐेंठने के लिए अपहरण का ड्रामा किया था। पुलिस ने धोखाधड़ी कर साजिश रचने के आरोप में कुलवंत सिंह और सतराम सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। जबकि गुरविंदर सिंह पुलिस के हाथ नहीं लग सका है।
घटना का खुलासा करते हुए सीओ राजेश्वर सिंह ने बताया कि सेहरामऊ उत्तरी थाना क्षेत्र के गांव मंडनपुर निवासी विचित्र सिंह के पास मंडनपुर में करीब ग्यारह एकड़ और इतनी ही कृषि भूमि पंजाब के मोहाली में है। विचित्र सिंह के तीन पुत्र प्रगट सिंह, आजाद सिंह और सुखविंदर सिंह में से प्रगट सिंह की कुछ साल पहले मौत हो गई। विचित्र सिंह को शक था कि पुत्रवधू रजविंदर कौर ने प्रगट सिंह की हत्या कराई है। इसी शक के आधार पर विचित्र सिंह ने अपनी संपत्ति दोनों पुत्रों में बांट दी। संपत्ति और कृषि भूमि में हिस्सा न मिलने पर प्रगट सिंह की बेवा रजविंदर कौर ने पंजाब में कोर्ट की शरण ली। मुकदमे की पैरवी सुखविंदर का ससुर लखीमपुर खीरी के थाना फरधान के खजुआ फार्म निवासी गुरविंदर सिंह, उसका साढू हंडेला फार्म निवासी कुलवंत सिंह और कुलवंत सिंह का चचेरा भाई सतनाम सिंह कर रहे हैं। मुकदमेबाजी को लेकर रजविंदर कौर ने पंजाब में अपने हिस्से की भूमि का अस्सी लाख रुपये में सौदा कर लिया था। मुकदमा की पैरवी के बाद भी कुछ हाथ न लगने पर रजविंदर कौर से रुपये लेने के प्रयास में गुरविंदर सिंह, कुलवंत सिंह और सतनाम सिंह ने अपहरण की कहानी गढ़ी थी। पंजाब के कोर्ट में तारीख को लेकर रजविंदर कौर तीन दिन पहले ही पंजाब रवाना हो गईं थीं। तीन अगस्त को प्लान के मुताबिक गुरविंदर, कुलवंत सिंह और सतनाम सिंह एक ही बाइक से पूरनपुर आए और फिर पुवायां होते हुए सीतापुर चले गए। योजना के तहत सतनाम सिंह को रास्ते से ही वापस लौटा दिया गया। सतनाम ने कोतवाली पहुंचकर अपने और कुलवंत सिंह के अपहरण की बात पुलिस को बताई। दो भाइयों के अपहरण और एक भाई को छोड़ने के लिए 25 लाख रुपये की फिरौती मांगने की घटना पर पुलिस के हाथ-पांव फूल गए। घटना के खुलासे के लिए सर्विलांस टीम के अलावा एसओजी को भी लगाया गया। पुलिस ने एक योजना के तहत कुलवंत सिंह और सतनाम सिंह को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा कर दिया।
रजविंदर कौर को किया गया था नामजद
पूरनपुर। प्रभारी कोतवाल राजेश यादव ने बताया कि रुपये ऐंठने की योजना के तहत ही अहरण की रिपोर्ट में रजविंदर कौर को नामजद कर अन्य सात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। ताकि रजविंदर कौर से रुपये ऐंठे जा सकें।
बार-बार फिरौती के लिए कर रहा था फोन
पूरनपुर। सीओ राजेश्वर सिंह ने बताया कि अपने अपहरण की कहानी बताते हुए कुलवंत सिंह बार-बार अपने साले और पत्नी को फोन कर फिरौती मांगने की जानकारी दे रहा था। सर्विलांस से उसकी लोकेशन लेकर क्षेत्र के एक स्थान से उसे दबोच लिया गया।
धोखाधड़ी की दर्ज होगी रिपोर्ट
पूरनपुर। प्रभारी कोतवाल राजेश यादव ने बताया कि अपहरण की घटना जांच में मनगढ़ंत निकली। कुलवंत, सतनाम और गुरविंदर सिंह के खिलाफ अब धोखाधड़ी और साजिश की कार्रवाई की जा रही है। फरार गुरविंदर सिंह को भी गिरफ्तार किया जाएगा।