बिपिन की मौत के बाद परिवार वाले जब रात में करीब नौ बजे जिला अस्पताल पहुचे तो मामले में नया मोड़ आ गया। आत्महत्या करने पर सवाल उठाते हुए हत्या की आशंका जताई। वही रात में पोस्टमोर्टम कराने से भी इंकार कर दिया। काफी देर तक अफसरो से तीखी नोकझोंक होती रही। मृतक के मामा रूपपुर कमालू गांव निवासी मुकेश कुमार व अन्य परिवार वालों ने बताया कि वह एकलौता था। माधौटांडा रोड स्थित एक प्राइवेट कॉलेज में बीए तृतीय वर्ष का छात्र था। वह सुबह करीब आठ बजे बाइक लेकर गंगपुर गांव से स्कूल के लिए निकला था। उनका आरोप था कि अगर बाइक चोरी में वो पकड़ा गया तो जिन्दा रहते परिवार को सुचना क्यों नहीं दी गयी। उसका आज तक का कोई आपराधिक इतिहास नहीं। जिसके बाद परिवार ने पोस्टमार्टम को रात में करने से भी इंकार कर दिया। पुलिस की लापरवाही को लेकर जमकर बरसे। पुलिस के खिलाफ तहरीर दी जा रही है।
तो कहाँ गयी मृतक की बाइक।
परिवार वाले विपिन के बाइक से शहर आने की बात कह रहे है। ऐसे में सवाल है कि आखिर विपिन की बाइक कहाँ गयी। उसका कॉलेज बैग और मोबाइल कहाँ है। जिसके जवाव पुलिस के पास भी नहीं है।।
स्टाफ हो सस्पेंड ए दर्ज हो मुकदमा।
परिवार का कहना है कि अगर फांसी भी लगाईं तो पुलिस क्या कर रही यही। इसलिए पोस्टमोर्टम से पहले कोतवाली स्टाफ सस्पेंड हो और तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर दोषी पुलिसकर्मी को दंडित किया जाये।
परिवार से पोस्टमोर्टम को लेकर बात की जा रही है। तहरीर मिलने पर केस दर्ज कर निस्पक्ष वा कठोर कार्यवाही की जाएगी। - अनुराग दर्शनए सीओ सिटी