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जेल में बंदियों के बीच मारपीट की सूचना से हड़ंकप

Thu, 30 Jul 2015 11:12 PM IST
Pilibhit
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जिला जेल में बंदियों के बीच मारपीट में बंदी सलीम चौधरी के घायल होने की सूचना से जिले से लेकर प्रदेश मुख्यालय तक के अफसरों में हड़कंप मच गया। जेल प्रशासन के ऐसी घटना से इंकार करने पर डीएम-एसपी ने सिटी मजिस्ट्रेट व सीओ को जेल भेजकर मामले की जांच कराई। प्रारंभिक जांच में घटना झूठी निकली। उधर, जिला अस्पताल में भर्ती बंदी सलीम चौधरी ने भी मारपीट की बात से इंकार किया। तब जाकर अधिकारियों ने राहत की सांस ली।
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बुधवार की देर रात एक न्यूज चैनल पर जिला जेल में बंदियों में जमकर मारपीट होने व एक बंदी के घायल होने की खबर प्रसारित हुई। खबर प्रसारित होते ही प्रदेश मुख्यालय पर हड़कंप मच गया। जिला मुख्यालय के अधिकारियों के मोबाइलों की घंटी भी खनखनाने लगी। डीएम-एसपी ने कार्यवाहक जेल अधीक्षक/जेलर महेंद्रपाल से जब घटना के बाबत जानकारी ली तो उन्होंने ऐसी किसी भी घटना से इंकार किया। गुरुवार को डीएम ने सिटी मजिस्ट्रेट व एसपी ने सीओ सिटी को जेल जाकर मामले की जांच करने के निर्देश दिए। दोनों अधिकारी जब जिला कारागार पहुंचे और मामले की प्रारंभिक जांच की तो घटना झूठी पाई गई। जेल प्रशासन ने अधिकारियों को बताया कि 18 जुलाई को शहर कोतवाली पुलिस ने धोखाधड़ी के मामले में आरोपी देहरादून निवासी सलीम चौधरी को जेल भेजा था। उसका पहले से ही एक पैर टूटा और घाव था। जिसे अदालत से मंजूरी लेने के बाद 29 जुलाई को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सिटी मजिस्ट्रेट ने जेल आने से पूर्व बंदी की हुई मेडिको लीगल रिपोर्ट व अन्य दस्तावेज कब्जे में लिए हैं। उधर जिला अस्पताल में भर्ती बंदी सलीम चौधरी ने बताया कि उसके साथ कोई मारपीट नहीं हुई है। दो दिन तक तो जेल प्रशासन ने उसे जेल अस्पताल में रखा। बाद में बैरक संख्या तीन में बंद कर दिया। पैर टूटा होने के कारण वह चलने फिरने में असमर्थ था। जेल में उसका उपचार नहीं हो रहा था। इस पर उसने कोर्ट में अर्जी देकर इलाज कराने की मांग की थी। कोर्ट के आदेश पर उसे जेल प्रशासन ने पुलिस अभिरक्षा में जिला अस्पताल में भर्ती कराया है।

एक चैनल पर बंदियों के मारपीट की खबर प्रसारित हुई थी। जेल प्रशासन ने घटना से इंकार किया था। इस पर सिटी मजिस्ट्रेट और सीओ सिटी को भेजकर मामले की जांच कराई गई। प्रारंभिक जांच में घटना झूठी निकली है। मामले की गहनता से जांच कराई जा रही है।
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-जेके शाही, एसपी

बंदी जब जेल आया था तो उसका एक पैर टूटा व पैर में घाव था। जेल अस्पताल में कोई आर्थोपैडिक सर्जन नहीं हैं और न ही पलस्तर आदि हो सकता है। इसलिए कोर्ट के आदेश पर उसे जिला अस्पताल में बुधवार को भर्ती कराया गया है। जेल में किसी प्रकार की कोई मारपीट नहीं हुई है।  -महेंद्रपाल, कार्यवाहक जेल अधीक्षक/जेलर
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