बाघ के हमले की लगातार हो रही घटनाओं के बाद भी ग्रामीण जंगल जाना नहीं छोड़ रहे हैं। बृहस्पतिवार को सुबह लकड़ी लेने गए गांव नदहा के युवक श्रीकृष्ण पर माला रेंज के गढ़ा क्षेत्र स्थित एक कंपार्टमेंट में बाघ ने हमला कर दिया। सिर पर पंजा लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया। उसके साथ गए दो अन्य ग्रामीण उसे जंगल से बाहर लाए। इसके बाद उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। सूचना पर पहुंचे वनकर्मियों ने घटना स्थल की जांच की। यहां बाघ के होने की पुष्टि के साथ ही घायल की चप्पलें और लकड़ी तोड़ने को पेड़ पर डाली गई रस्सी बरामद हुई है। गजरौला थाना क्षेत्र के गांव नदहा निवासी 32 वर्षीय श्रीकृष्ण बृहस्पतिवार को सुबह गांव के ही भीमसेन और लाखन के साथ लकड़ी बीनने माला जंगल गया था। रेंज की गढ़ा क्षेत्र में पड़ने वाले कंपार्टमेंट 133 ए में तीनों लकड़ियां तोड़ते हुए एक दूसरे से कुछ दूरी पर हो गए। इस बीच झाड़ियों में छिपे बाघ ने श्रीकृष्ण पर पीछे से हमला कर दिया। अचानक हुए हमले से श्रीकृष्ण बुरी तरह घबरा गया और सिर पर हाथ लगाकर शोर मचाता हुआ जंगल से बाहर की ओर भागा। शोर सुनकर उसके दोनों साथी भी बाहर भागे और घायल श्रीकृष्ण को साइकिल पर बैठाकर घर लाए। बाघ केे हमले की सूचना से गांव में दहशत फैल गई। बड़ी संख्या में लोग श्रीकृष्ण को देखने उसके घर पहुंचे। इस बीच घर वाले निजी वाहन से उसे जिला अस्पताल ले गए। अतिरिक्त मजिस्ट्रेट पुष्पा देवरार, शहर कोतवाल एसके सिंह, सामाजिक वानिकी के क्षेत्राधिकारी गजेंद्र बहादुर सिंह ने जिला अस्पताल पहुंचकर घायल का हाल जाना। उधर सूचना पर डिप्टी रेंजर वजीर हसन, वनदरोगा महेश दुबे, वनसंरक्षक रूपलाल, बीट प्रभारी सत्यवीर सिंह संधू टीम के साथ मौके पर पहुंचे और घटना स्थल का निरीक्षण किया। माला वनक्षेत्राधिकारी दिलीप कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि जंगल में करीब 800 मीटर अंदर घटना हुई है। बाघ के निकट पहुंचने पर उसने पंजा मारा है।