किगंफिशर कंपनी के मालिक विजय माल्या को लोन के लिए गारंटी लेने की बात कहते हुए बैंक ऑफ बड़ौदा के मुंबई स्थित रीजनल कार्यालय के निर्देश पर क्षेत्र के किसान मनमोहन सिंह के दो बैंक खाते सील कर दिए गए हैं। हालांकि किसान ने विजय माल्या से कभी कोई संपर्क न होने की बात कही है।
मामला अक्तूबर, 2015 का है। बैंक ऑफ बड़ौदा के मुंबई स्थित रीजनल कार्यालय ने बैंक ऑफ बड़ौदा की नांद शाखा को ईमेल भेजकर बिलसंडा ब्लाक के गांव खजूरिया नवीराम निवासी मनमोहन सिंह को विजय माल्या के लिए स्वीकृत लोन का गारंटर बताते हुए उसके दोनों खाते सीज करने के निर्देश दिए थे। इधर, बैंक मैनेजर ने संदेह होने पर खाते सीज करने से पहले रीजनल कार्यालय को ईमेल भेजकर संबंधित खातेदार के नाम और पते की पुष्टि करनी चाही। बकौल बैंक मैनेजर मांगेराम रीजनल ऑफिस से इस संबंध में कोई जवाब नहीं आया। जवाब न आने पर मनमोहन सिंह के दो खाते इनमें से एक खाते में 12 हजार और दूसरे खाते में चार हजार रुपये हैं, को सीज कर दिया है। बैंक खाते सीज होने पर मनमोहन सिंह ने नांद बैंक शाखा के मैनेजर से इस बाबत पूछा तो उन्होंने रीजनल ऑफिस के निर्देश पर कार्रवाई करने की बात कही। मनमोहन सिंह ने बताया कि उन्होंने विजय माल्या का नाम सिर्फ न्यूज चैनल्स पर सुना है और अखबारों में पढ़ा है। वह उनके गारंटर कैसे हो सकते हैं। मनमोहन सिंह लगातार बैंक के चक्कर काट रहे हैं लेकिन अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई है।
मैं आज तक कभी विजय माल्या से नहीं मिला। न उनसे कभी कोई संपर्क रहा। मैं तो कभी मुंबई भी नहीं गया। इसके बावजूद मुझे उनका गारंटर बताते हुए मेरे दोनों खाते सीज कर दिए गए। शिकायत के बाद भी कोई निदान नहीं हुआ।
- मनमोहन सिंह, किसान
रीजनल कार्यालय मुंबई के निर्देश पर खाताधारक मनमोहन के दो खाते सीज किए गए हैं। उन्हें विजय माल्या का बैंक गारंटर बताया गया है। इस मामले में रीजनल कार्यालय को अवगत कराया जा चुका है।
- मांगेराम, बैंक मैनेजर, बॉब शाखा नांद