मां वैष्णो देवी के दर्शन करने गये पॉश बल्लभ नगर कॉलोनी निवासी दंपति व उनका बेटा रहस्यमय ढंग से लापता हो गया। आठ दिन से उसका कोई सुराग नहीं लग सका है। मोबाइल फोन स्विच ऑफ बताए जाने पर परिवार वालों को चिंता सताने लगी है। सुनगढ़ी थाने में गुमशुदगी दर्ज कराने के साथ ही रिश्तेदार जम्मू जाकर उसको तलाशने में जुटे है, लेकिन कोई खबर नहीं लग सकी है। इधर पुलिस भी कोई लोकेशन पता नहीं लगा सकी है।
सुनगढ़ी थाना क्षेत्र के बल्लभ नगर कॉलोनी निवासी गिरिराज सिंह रिटायर्ड दरोगा हैं। उनके तीन बेटे विनय, अभय और सौरभ हैं। दो बेटे विनय और अभय मेडिकल स्टोर चलाते हैं। छोटा बेटा सौरभ घर पर रहकर काम करता है। एक बेटी पूजा है, जिसकी शादी हो चुकी है। बेटा सौरभ (30) एक जुलाई की शाम करीब पांच बजे बस से मां वैष्णो देवी के दर्शन करने गए थे। उसके साथ पत्नी छाया (28) और दो साल का बेटा अंश भी हैं। बस से उसे दिल्ली तक जाना था। पत्नी का स्वास्थ्य खराब होने के बाद वह मुरादाबाद रुक गया और अगले दिन दिल्ली होते हुए उसने अपनी यात्रा पूरी की। तीनों ने माता के दर्शन करने के बाद चार जुलाई की शाम सौरभ ने बड़े भाई विनय को फोन कर बताया कि वह जम्मू के नीलकंठ होटल में ठहरे हैं। उसकी ट्रेन निकल गई है अत: वह किसी अन्य सवारी से आ जाएगा। यहां मोबाइल काम नहीं कर रहा है इसलिए होटल से फोन किया है। उसने ये भी आश्वस्त किया कि चिंता न करना। तब से वो अभी तक नहीं आया। आठ दिन बाद भी उनका कोई पता नहीं लग सका है। बताए गए दिन के बाद भी उनके घर न पहुंचने पर परिवार वालों ने फोन मिलाया, लेकिन नंबर लगातार स्विच ऑफ बता रहा है। जिससे परिवारीजनों को उनकी चिंता बढ़ गई। इसकी सुनगढ़ी पुलिस को सूचना दी गई। जिस पर पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज की, लेकिन अब तक दंपति की लोकेशन पुलिस पता नहीं लगा सकी है।
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नीलकंठ होटल से पांच
को किया था चेक आउट
पीलीभीत। धार्मिक स्थलों पर मंडरा रहे आतंकी खतरे को देखते हुए परिवार को अचानक रहस्यमय ढंग से लापता हुए दंपति की सलामती को लेकर चिंता बनी हुई है। उधर पुलिस कार्रवाई की गति बेहद धीमी है। अभी कागजी कार्रवाई को भी पुलिस पूरा नहीं कर सकी है।
लापता सौरभ के पिता गिरिराज सिंह ने बताया कि वह बेटे के लापता होने के बाद एक दिन इंतजार करने के बाद वह यहां पर पुलिस कार्रवाई में लग गए। सौरभ के ससुर बरेली निवासी भगवंत अन्य रिश्तेदारों के साथ जम्मू गए हुए हैं। दो दिन से वह जम्मू में ही लापता परिवार को खोजने में लगे है। इस दौरान उनको दंपति का भले कोई सुराग न मिल सका हो, लेकिन इतना पता लगा है कि दंपति का रिजर्वेशन हो चुका था। जिस पर उन्होंने पांच जुलाई को जम्मू के नीलकंठ होटल से चेकआउट कर लिया। दिल्ली में रह रहे रिश्तेदारों से मिली जानकारी के आधार पर रिजर्वेशन होने की बात पुष्ट हुई है। इसके बाद वह ट्रेन में सवार हुए या फिर नहीं, इसका पता नहीं लग सका है। खास बात है कि मामला बेहद गंभीर होने के बाद भी पुलिस की कार्रवाई कछुआ चाल से अधिक नहीं हो सकी है। थाना पुलिस आम तौर पर दर्ज की जाने वाली गुमशुदगी की तर्ज पर ही इसको लेकर भी लापरवाह बनी रही। जिले के अधिकारियों के संज्ञान में डालने की भी जहमत नहीं उठाई गई। सिर्फ नंबर को सर्विलांस पर लगाकर लोकेशन का पता लगाने की बात कहकर इतिश्री कर ली गई। मामला संज्ञान में आने पर अब एसपी ने पीड़ित परिवार की हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया है।