सड़क किनारे वाहन के इंतजार में परिवार के साथ खड़े दो बच्चों को
अनियंत्रित कार ने रौंदा दिया, जिसमें उनकी मौके पर ही मौत हो गई और एक
महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। अनियंत्रित कार खाई में पलट गई। मौके से
चालक फरार हो गया। घटना के विरोध में ग्रामीणों ने बच्चों के शव को मार्ग
पर रखकर जाम लगा दिया। बाद में अधिकारियों के समझाने के बाद जाम खुल सका।
पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेजा है।
जनपद शाहजहांपुर,
थाना निगोही के गांव पतराजपुर निवासी बेंचेलाल भोजवाल की पत्नी मुन्नी देवी
तीन दिन पूर्व बीसलपुर कोतवाली क्षेत्र के गांव सिमरा अकबरगंज स्थित मायके
में आईं थीं। रविवार को वह अपनी पुत्री 8 वर्षीय माधुरी के साथ घर जाने
बीसलपुर पीलीभीत मार्ग पर पहुंची।
उन्हें बस पर छोड़ने उनका 12 वर्षीय
भतीजा अर्जुन भी साथ आया था। तीनों सड़क किनारे बैठे वाहन का इंतजार थे।
इसी बीच बीसलपुर से पीलीभीत की ओर तेज गति से आ रही आल्टो कार पीलीभीत की
ओर आ रही मैजिक को ओवरटेक करने के प्रयास में मोड़ पर अनियंत्रित हो गई और
तीनों पर रौंदती हुई खांई में जाकर पलट गई।
कार से कुचलने के कारण अर्जुन
और माधुरी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि मुन्नी देवी गंभीर रूप से घायल हो
गईं। उन्हें सीएचसी लाया गया, जहां हालत गंभीर होने पर जिला अस्पताल रेफर
कर दिया गया।
हादसे के बाद चालक कार छोड़कर फरार हो गया। सूचना पर थाना
प्रभारी केपी सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। पुलिस कार को
कोतवाली ले जाने लगी जिस पर लोगों ने विरोध कर पहले रिपोर्ट दर्ज कर शव का
पंचनामा भरने की मांग की।
लेकिन पुलिस के न सुनने पर लोग भड़क गए और
उन्होंने शव मार्ग पर रखकर जाम लगा दिया। स्थिति बिगड़ते देख बरखेड़ा और
बिलसंडा पुलिस को भी बुला लिया। मामला संज्ञान में आने पर भाजपा विधायक
रामसरन वर्मा, तहसीलदार नन्हें लाल और नायब तहसीलदार एमआर थारू भी पहुंच
गए।
सभी ने समझाबुझाकर लोगों को शांत कराकर जाम खत्म कराया। मृतक अर्जुन के
पिता पूरनलाल की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात कार चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज
कर लिया है। इधर बच्चों की मौत से परिवार मे कोहराम मचा हुआ है।