दो साल पहले अपहृत युवती को पुलिस ने उसके प्रेमी के घर से खोज निकाला है। हालांकि पुलिस युवती के अपहरण के आरोप में पड़ोस के दो युवकों को जेल भेज चुकी है। इतना ही नहीं पुलिस ने विवेचना पूरी करे बिना ही आरोप पत्र भी न्यायालय में पेश कर दिया। एसपी के निर्देश पर पुलिस ने जब दुबारा छानबीन शुरू की तो युवती अपने प्रेमी के साथ कानपुर में मिली। युवती से पूछताछ में जेल भेजे गए दोनों युवक बेगुनाह पाए गए। शुक्रवार को युवती को मीडिया के सामने पेश कर मामले का खुलासा किया।
बीसलपुर कोतवाली क्षेत्र के एक व्यक्ति ने नौ जुलाई, 2015 को अपनी बेटी के अपहरण का मुकदमा मोहम्मदपुर रसूला निवासी मनोज कुमार और दुर्गा प्रसाद मोहल्ले के भूरा के खिलाफ दर्ज कराया था। इसके बाद पुलिस ने काफी तलाश की, लेकिन युवती का कोई सुराग नहीं लग सका। इधर, पिता ने हाईकोर्ट की शरण ली तो पुलिस हरकत में आ गई। पुलिस ने 12 मार्च, 2016 को दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। कुछ दिन बाद मनोज जमानत पर रिहा हो गया जबकि भूरा अभी भी जेल में है लेकिन युवती की बरामदगी नहीं हो सकी।
इस बीच आरोपी पक्ष के लोगों ने अपहृत युवती की अपने स्तर से तलाश शुरू कर दी। पुलिस को भी युवती की बरामदगी में हरसंभव मदद की पेशकश की, जबकि लड़की के पिता ने आरोपियों पर बेटी की हत्या कर लाश गायब करने का आरोप लगाते हुए पुलिस पर दबाव बनाना शुरू कर दिया। इसका नतीजा यह हुआ कि पुलिस ने बिना लड़की को बरामद किए ही दोनों युवकों के खिलाफ न्यायालय में चार्जशीट दाखिल कर दी। इधर, कोर्ट से निर्देश मिलने पर एसपी देवरंजन वर्मा ने लापता युवती की बरामदगी के लिए बीसलपुर कोतवाल एसके सिंह, एसआई रामवीर और स्वाट टीम के सिपाही हसमत, जानसन, सुरेंद्र पटेल को लगाया। पुलिस ने सर्विलांस और अन्य संसाधनों का प्रयोग कर जानकारी जुटाई। प्रकाश में आए क्लू के आधार पर पुलिस ने अपहृत युवती को कानपुर के बाबूपुरवा थाना क्षेत्र के मोहल्ला अजीतगज के एक मकान से बरामद कर लिया। वह अपने प्रेमी से शादी करने के बाद उसके साथ रह रही थी। शनिवार को सीओ हरीश भदौरिया ने युवती को मीडिया के सामने पेश कर पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया।
तत्कालीन एसपी हुए थे हाईकोर्ट में तलब
युवती की बरामदगी न होने पर पुलिस को काफी फजीहत झेलनी पड़ी थी। लड़की के पिता की शिकायत पर हाईकोर्ट ने तत्कालीन एसपी अनिल सिंह को तलब किया था। एसपी ने कोर्ट में दोनों आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई के बाबत शपथपत्र सौंपा था।
दिल्ली में परवान चढ़ा था प्यार
युवती ने बताया कि पहले वह दिल्ली की एक जूता फैक्ट्री में काम करती थी। वहीं अंबेडकर नगर जिले के युवक से प्रेम हो गया। जुलाई, 2015 को वह प्रेमी के साथ चली गई और अंबेडकरनगर जाकर उससे शादी कर ली। इसके बाद दोनों कानपुर आकर रहने लगे।
जेल गए युवकों को राहत
युवती के पिता पर कसेगा शिकंजा
पीलीभीत। युवती के बरामद होने के बाद अब सवाल यह है कि आखिर उसके पिता ने दो निर्दोष युवकों को अपहरण के संगीन आरोप में क्यों फंसा दिया। इसकी जांच के लिए पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस की पूछताछ में युवती ने बताया कि जेल भेजे गए दोनों युवकों का उसके लापता होने में कोई रोल नहीं था। उनके खिलाफ केस दर्ज कराने की बात से भी उसने अनभिज्ञता जताई। पुलिस पिता और पुत्री के मोबाइल की कॉल डिटेल निकलवाएगी, ताकि दोनों युवकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की असलियत सामने आ सके।
बरामद युवती के बयान के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। विवेचना के दौरान तथ्यों के आधार पर जेल गए युवकों को राहत दी जाएगी। इसके अलावा साजिश या फिर मुकदमा झूठा निकलने पर लड़की के पिता पर कानूनी कार्रवाई होगी।
- हरीश भदौरिया, सीओ बीसलपुर