रालोद के प्रांतीय नेता समेत दो जिला पंचायत सदस्यों पर चुनाव के दौरान फर्जी जाति प्रमाण पत्र लगाने का मामला पकड़ में आया है। तीन सदस्यीय कमेटी से कराई गई जांच में इसकी पुष्टि होने के बाद जिलाधिकारी मासूम अली सरवर ने आरोपी दोनों जिला पंचायत सदस्यों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के निर्देश तहसीलदार को दिए हैं। डीएम के इस आदेश से खलबली मच गई है। इसके साथ ही जिला प्रशासन ने दोनों की सदस्यता खत्म करने के लिए विधिक राय मांगी है। जिला पंचायत वार्ड एक से रालोद के प्रांतीय उपाध्यक्ष मंजीत सिंह और वार्ड दो से गुरमीत सिंह मल्ली सदस्य पद पर चुनाव जीते थे। दोनों सदस्य पिछड़ा वर्ग की आरक्षित सीट पर चुनाव लड़े थे। उन्होंने नामांकन में पिछड़ी जाति का प्रमाणपत्र संलग्न किया था। पूरनपुर निवासी वसीम वेग ने इसकी शिकायत एडीएम से की थी। एडीएम ने पूरनपुर एसडीएम से जांच कराई, जिसमें दोनों के प्रमाणपत्र पूरनपुर तहसील से जारी न होना पाए गए। एसडीएम की रिपोर्ट के बाद डीएम ने तीन सदस्यीय टीम बनाकर दुबारा जांच कराई। टीम की जांच में दोनों के जाति प्रमाणपत्र फर्जी पाए गए। इस पर डीएम मासूम अली सरवर ने दोनों जिला पंचायत सदस्यों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश तहसीलदार पूरनपुर को दिए हैं। डीएम ने बताया कि दोनों पर एफआईआर दर्ज कराने का आदेश कर दिया। दो जिला पंचायत सदस्यों पर एफआईआर के निर्देश से हड़कंप है।