ज्योहरा-बरगदा मानवरहित क्रासिंग पर एक बड़ा हादसा होने से टल गया। रेलवे
क्रासिंग पार कर रहे ट्रैक्टर-ट्रॉली में शाहजहांपुर से पीलीभीत जा रही
पैसेंजर ट्रेन का इंजन ट्रॉली में टकरा गया। इससे ट्रॉली दूर जा गिरी।
ट्रॉली में सवार गांव बरगदा निवासी डालचंद की 35 वर्षीय मीना देवी और उसकी
नौ साल की पुत्री कुसुमलता घायल हो गईं। घायल मां-बेटी को जिला अस्पताल में
भर्ती कराया गया। बालिका की हालत गंभीर होने पर घर वालों ने उसे शहर के एक
प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया है।
जिला अस्पताल में भर्ती घायल
मीना देवी ने बताया कि वह गुरुवार को गांव के लालबहादुर के ट्रैक्टर ट्रॉली
में धान भरकर बेचने पीलीभीत मंडी आई थी। वापस लौटते समय वह पुत्री
कुसमुलता के साथ ट्रॉली में बैठ गई। ट्रैक्टर पर गांव के दनेश, हेतराम और
नंदराम भी सवार थे।
ट्रैक्टर लालबहादुर चला रहा था। गेट संख्या 13ए/सी पर
ट्रैक्टर पास हो गया था। इसी बीच अचानक आई ट्रेन संख्या 52234 का इंजन
ट्रॉली के पिछले हिस्से से टकरा गया। इससे ट्रॉली ट्रैक्टर से अलग होकर
करीब सौ मीटर दूर जा गिरी।
हादसे में वह और उसकी बेटी घायल हो गई।
ट्रेन चालक दोनों घायल को लेकर पीलीभीत पहुंचा और घटना की सूचना स्टेशन
अधीक्षक को दी। सूचना पर आरपीएफ ने महिला को जिला अस्पताल में भर्ती कराया
है। कार्यवाहक आरपीएफ प्रभारी एसआई सुरेश कुमार ने मौके पर पहुंचकर घटना
स्थल का निरीक्षण किया।
उन्होंने बताया कि कि ट्रॉली कब्जे में ले ली गई
है। ट्रैक्टर और चालक नहीं मिले हैं। सीनियर सेक्शन इंजीनियर रेलपथ की ओर
से ट्रैक्टर चालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जा रही है।
हाथ दिखाने के बाद भी नहीं रुका ट्रैक्टर चालक
गेट
संख्या 13 ए/सी पर तैनात गेट काउंसलर बृजेश शर्मा ने बताया कि उन्होंने
तेज रफ्तार आ रहे ट्रैक्टर के चालक को हाथ देकर रुकने का इशारा किया, लेकिन
वह नहीं माना और रेलवे क्रासिंग पार करने की कोशिश की। जिससे हादसा हो
गया।