ठंड बढ़ने पर बाघ की चहल कदमी बढ़ गई है। शनिवार देरशाम पीलीभीत माधोटांडा मार्ग पर बाघ के आने से यातायात अवरुद्ध रहा। वहीं न्यूरिया थाना क्षेत्र के बिथरा गांव के निकट बाघ की सूचना से दहशत रही। सूचना पर पहुंची वनविभाग की टीम ने पदचिह्न देखे। टाइगर रिजर्व की माला रेंज के बीच से गुजर रहे पीलीभीत माधोटांडा मार्ग पर वन्यजीवों का दिखना आम बात है लेकिन शनिवार की शाम वनराज के आने से राहगीरों में दहशत फैल गई। शनिवार शाम को करीब 5.30 बजे सिद्धबाबा के निकट बाघ बीच मार्ग पर आकर रूक गया। इससे पीलीभीत की ओर से जा रही मैजिक सहित कई वाहन दोनों ओर रुक गए। करीब 10 मिनट तक बाघ रोड पर चहल कदमी कर जंगल में चला गया। बीच सड़क पर बाघ के आने से मैजिक और उसके पीछे आई एक कार में सवार लोग घबरा गए। मैजिक चालक भूरा ने बताया कि बाघ के जंगल के अंदर जाने के बाद ही वाहनों का आवागमन शुरू हुआ। इस बीच कई बाइक सवार भी दहशत के चलते रुके रहे।
उधर न्यूरिया क्षेत्र के बिथरा गांव के निकट बाघ दिखने की सूचना ग्रामीणों ने वन विभाग को दी। इस पर डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के परियोजना अधिकारी नरेश कुमार व सामाजिक वानिकी के रेंजर गजेंद्र बहादुर यादव टीम के साथ मौके पर पहुंचे। गांव के निकट टीम को बाघ के पदचिह्न मिले हैं। रेंजर का कहना है कि पदचिह्न दो दिन पुराने हैं। ताजे पदचिह्न नहीं मिले हैं। ग्रामीणों से सर्तक रहने को कहा गया है।